चंबा। नगर परिषद शहर के लोगों से गीला-सूखा कचरा तो अलग देने के लिए कह रही है, लेकिन गीले कचरे के निष्पादन के लिए कोई स्थान चिह्नित नहीं किया गया है।
सफाई कर्मचारी घरों से कूड़ा तो उठाकर ले जाते हैं, लेकिन बोरे में भरकर गीला कचरा ढांक में फेंक दिया जाता है। सूखे कचरे का भी सही ढंग से निष्पादन नहीं किया जा रहा है। चंबा शहर के जुलाहकड़ी वार्ड बाशिंदों ने डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने के नगर परिषद के अभियान पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गीले कचरे को सफाई कर्मचारी बोरों में भरकर ढांक में फेंक देते हैं। वार्ड में इधर-उधर कूड़ा बिखरा पड़ा है। उन्होंने कहा कि एक तरफ नगर परिषद शहर को साफ-सुथरा रखने के दावे करती है, दूसरी ओर कचरे से भरा पड़ा है। कहा कि शहर में सफाई व्यवस्था सही ढंग से लागू नहीं हो पा रही है।
परिचर्चा
सफाई कर्मचारी रोजाना घरों से तो कूड़ा-कचरा तो उठाकर ले जाते हैं, लेकिन बाद में यह नदी-नालों में दिखाई देता है। इसके सही ढंग से निष्पादन के लिए जगह चिह्नित नहीं हो पा रही है। - मोहम्मद याकूब
बारिश होने पर कूड़ा निकासी नालियों में अटक जाता है। इस कारण गंदा पानी मार्ग पर बहने लगता है। वार्ड के लोगों और राहगीरों को को आने-जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। - अशोक कुमार
कूड़े के ढेर ढांक से नीचे या नदी-नालों में फेंक दिया जाता है कुछ समय पहले भी इस तरह का एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें सफाई कर्मचारी कूड़े के बोरे को नाले में फेंकते दिखे थे। यह सरासर गलत है। - दीपक भाटिया
शहर में सफाई कर्मचारी हर रोज घरों से कूड़ा और कचरा तो उठाकर ले जाते हैं, लेकिन इसके सही ढंग से निष्पादन के लिए जगह नहीं मिल पा रही है। इसीके चलते कूड़े के ढेर नदी-नालों में लग रहे हैं। -हरीश कुमार
सफाई ठेकेदार लोकिंद्र सिंह ने कहा कि लोग डोर-टू-डोर कूड़ा दे रहे हैं। गीले कचरे के निष्पादन के लिए नगर परिषद चंबा ने जगह नहीं दी है। ऐसे में गीला कचरा सही ढंग से निष्पादित करने में परेशानी पेश आ रही है।
नगर परिषद चंबा के कार्यकारी अधिकारी संदीप कुमार ने कहा कि गीले कचरे के निष्पादन के लिए जगह की तलाश की जा रही है। शहर में सफाई व्यवस्था पहले की अपेक्षा बेहतर हुई है।