चंबा कॉलेज में कार्यक्रम के दौरान मुख्यातिथि और प्राचार्य।
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चंबा। हिमाचल प्रदेश नशा निवारण बोर्ड के संयोजक एवं सलाहकार ओपी शर्मा कहा कि भारत में यू तो बहुत सारी समस्याएं हैं, लेकिन नशाखोरी आधुनिक समाज की एक बहुत बड़ी समस्या है। नशे को खत्म करना हमारे लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है। भारत में 29% बच्चे नशे के जाल में फंस चुके हैं। पंजाब का पाकिस्तान से लगता हिस्सा नशा महामारी बन चुका है। इस समस्या के निवारण के लिए सभी को मिलजुलकर काम करना आवश्यक है। उन्होंने नशे के विभिन्न कारण भी बताए। वे राजकीय महाविद्यालय चंबा में नशा निवारण अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि शिमला, सोलन के साथ-साथ सभी जिलों में नशाखोरी का प्रतिशत चिंताजनक है। कहा कि प्रदेश में परीस्थितियां अत्यंत गंभीर हैं। प्रदेश के 12 में से 10 जिलों में युवा चिट्टा की गिरफ्त में फंस चुके हैं। नशा हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, जम्मू कश्मीर इत्यादि उत्तरी भारत क्षेत्र में बहुत गहराई तक अपने पांव पसार रहा है। इससे पहले कॉलेज प्राचार्य डॉ. शिवदयाल ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और उन्हें सम्मानित किया। ओपी शर्मा ने कहा कि भारत की 12 प्रतिशत जनसंख्या ठोस नशाखोरी से ग्रस्त है। उन्होंने कहा कि पुलिस के साथ, अध्यापक, विभिन्न विभाग, मीडिया इत्यादि को इकट्ठे होकर काम करने की आवश्यकता है। अंत में उन्होंने विद्यार्थियों की ओर से पूछे गए उनके प्रश्नों का हरसंभव उत्तर देकर निवारण किया।
इस अवसर पर डॉ. महिंद्र सलारिया, प्रो. अविनाश, डॉ. हेमंत पाल, डॉक्टर मनेश वर्मा, डॉ. तेज सिंह, प्रोफेसर विजय कुमार, प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह, डॉ. मनोज कुमार, प्रोफेसर संजीव कुमार, डॉ. संतोष, रविंद्र सिंह, संजय शर्मा इत्यादि मौजूद रहे।