चंबा-खैरी मार्ग पर लाल पुल के पास हुए भूस्खलन के बाद रास्ता बहाल करने में जुटी जेसीबी मशीन।संव
चंबा। जिले में दो दिन की मूसलाधार बारिश के बाद हालात अब तक सामान्य नहीं हो पाए हैं। 121 पेयजल योजनाएं ठप पड़ने से सैकड़ों गांवों में पानी की किल्लत गहराती जा रही है। वहीं, बिजली आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे 137 ट्रांसफार्मर ठप रहने से करीब 600 गांवों में अंधेरा पसरा हुआ है। चंबा-जोत मार्ग पर केवल छोटे वाहनों को ही अनुमति मिली है, जबकि न्याग्रां-बजोल मार्ग अभी भी बंद है।
राहत की बात यह है कि जिला का प्रमुख मार्ग पठानकोट-भरमौर नेशनल हाईवे वाहनों की आवाजाही के लिए खुल गया है। जानकारी के अनुसार जिले में भारी बारिश के कारण पिछले 24 घंटों में 12 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। प्रशासन के पास नुकसान की रिपोर्ट पहुंच गई है। नुकसान के आधार पर उचित मुआवजा दिया जाएगा।
उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बताया कि समस्त उपमंडलों से नुकसान रिपोर्ट पहुंच गई है। इस आकलन किया जा रहा है। मार्गाें की बहाली समेत विद्युत ट्रांसफार्मर दुरुस्त किए जा रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अत्यधिक जरूरी न हो तो फिलहाल दुर्गम मार्गों पर यात्रा न करें। साथ ही, किसी भी आपात स्थिति में नजदीकी प्रशासनिक केंद्र या हेल्पलाइन से संपर्क करें।