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विस् क्षेत्र चंबा के दर्जनों गांवों को नसीब होगी सड़क सुविधा, मिलेगी सुविधा

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चंबा। विधानसभा क्षेत्र चंबा के अभी तक सड़क सुविधा से अछूते दर्जनों गांव जल्द भाग्य रेखाओं से जुड़ जाएंगे। सड़क निर्माण होने से हजारों ग्रामीणों को सुविधा का लाभ मिलेगा। बैकवर्ड सब प्लान के तहत बनने वाली इन 13 सड़कों के निर्माण और विस्तारीकरण को लेकर उच्च न्यायालय से फारेस्ट क्लीयरेंस मिल गई है।
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अब वन विभाग की ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने पर लोक निर्माण विभाग सड़कों के कार्य संबंधी टेंडर प्रक्रिया को अंजाम देगा। ये सभी सड़कें निर्माण विभाग मंडल चंबा के अधीन बनाई जाएंगी। इन पर 8 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
विधानसभा क्षेत्र चंबा के कई गांव वन विभाग की जमीन आड़े आने से अभी तक सड़क सुविधा से अछूते हैं। सड़क न बनने से ग्रामीण मीलों पैदल सफर करने को मजबूर रहे। ग्रामीणों की ज्वलंत समस्या को लेकर प्रदेश सरकार और सदर विधायक ने प्रमुखता के आधार पर रखा। इसके तहत बाकायदा विभाग ने भी अपने स्तर पर सड़कों के निर्माण संबंधी डीपीआर और अन्य प्रकार की औरपचारिकताएं पूरी की। लोक निर्माण विभाग ने सड़कों की राह में आ रही वन विभाग की जमीनों को लेकर अनापत्ति प्रमाण पत्र को लेकर दस्तावेज तैयार कर वन विभाग को भेजे। इसके बाद अब 13 सड़कों को उच्च न्यायालय से स्वीकृति मिली है।
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इनसेट
इन सड़कों को मिली अनुमति
मलुड से वाया पनेला, बाड़ी देहरा-बहरैनी से तकबग, बाट से शैल वाया कुरन्तु, रजिन्डु से गल, कलोता से कोनिबेही, छबारा दादर से सतलेई, सराहन से छब्बारा दादर, मोटरसाइकिल मार्ग गांव देरी, संपर्क मार्ग कैला से कुठेर, चुंगड़ी से फटेटा, हलेल, दमला से लोहा, बन्दला से रेनपानी सड़के शामिल हैं।
इनसेट
चंबा विस क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश लोग कृषि और फलों का उत्पादन कर मंडियों में बेच अपने परिवारों का भरण पोषण करते हैं, लेकिन सड़क न होने से उन्हें कई किलोमीटर तक सामान पीठ पर लाद कर या खच्चरों के माध्यम से ही बगीचों से सड़क तक पहुंचना पड़ता है। ऐसे में अब सड़क निर्माण के लिए उच्च न्यायालय से स्वीकृति मिलने पर ग्रामीणों को जल्द सड़क सुविधा मिलने की आस जग गई है।
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-13 सड़कों को उच्च न्यायालय से स्वीकृति मिली है। अब वन विभाग की एनओसी मिलनी शेष है। अनुमति मिलते ही सड़कों के टेंडर संबंधी औपचारिकताए आरंभ कर दी जाएंगी। - जीत सिंह ठाकुर, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता
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