चंबा। शहर के स्कूलों के परिसरों के इर्द-गिर्द लावारिस कुत्तों के झुंड ने डेरा जमा रखा है। इसका असर विद्यार्थियों की सुरक्षा पर पड़ रहा है। अभिभावकों ने बताया कि बच्चों को अकेले स्कूल भेजना जोखिम भरा हो गया है। हर गली और मोड़ पर लावारिस कुत्ते डरा रहे हैं।
इस साल अब तक आधा दर्जन से अधिक स्कूली बच्चों को कुत्तों ने काटा है। उन्होंने नगर परिषद को सुझाव दिया है कि बाहर से डॉग कैचर मंगवाकर कुत्तों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं, मामला उठने पर नगर परिषद और पशुपालन विभाग की ओर से नाममात्र का अभियान चलाकर अपने काम से इतिश्री ही की जा रही है। अभिभावकों ने जल्द इस समस्या से राहत की मांग की है।
शहर में लावारिस कुत्तों का आतंक काफी बढ़ चुका है। रोजाना बच्चों को सुबह स्कूल छोड़ने और छुट्टी के बाद वापस लाने के लिए जाना पड़ रहा है। चैन लाल, अभिभावक
बच्चों को अकेले स्कूल भेजना मुश्किल हो गया है। शहर के गली-मोहल्लों समेत स्कूल परिसर के बाहर भी लावारिस कुत्तों के झुंड बैठे दिख जाते हैं। चेतन मरवाह, अभिभावक
नगर परिषद को लावारिस कुत्तों से लोगों को निजात दिलवाने के लिए बाहर से डॉग कैचर मंगवा कर इनसे छुटकारा दिलवाने के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए। राम चंद धीमान, अभिभावक
बच्चों की सुरक्षा के लिए सुबह और बच्चों को छुट्टी के बाद स्कूल गेट के बाहर इंतजार करना पड़ता है, ताकि लावारिस कुत्तों बच्चों पर न झपट कर उन्हें चोटिल न कर सके। उत्तम चंद धवन, अभिभावक
लावारिस कुत्तों के आतंक से निजात दिलवाने के लिए जल्द ही उचित कदम उठाए जाएंगे। नीलम नैयर, अध्यक्ष, नगर परिषद चंबा