चंबा में चौंतड़ा के पास मंदिर के बाहर बैठा आवारा कुत्तो का झुंड।संवाद
चंबा। शहर में लावारिस कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है, जिससे लोग परेशान हैं। सभी वार्डों में कुत्तों के झुंड दिखाई दे रहे हैं, जो राहगीरों और बच्चों पर हमला कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि स्कूल जाने वाले बच्चे डर के कारण अकेले नहीं जा सकते और बुजुर्ग आवश्यक कार्य करने के लिए बाहर निकलने पर असहज महसूस कर रहे हैं। वहीं, चंबा वेलफेयर एसोसिएशन ने नगर परिषद से आग्रह किया है कि डॉग कैचर टीम तुरंत सक्रिय की जाए और कुत्तों को सुरक्षित डॉग शेल्टर में रखा जाए। नगर परिषद चंबा की ओर से बीते वर्ष नवंबर में नगर परिषद और पशुपालन विभाग ने मिलकर 250 आवारा कुत्तों का टीकाकरण किया था, लेकिन अब समस्या फिर से बढ़ गई है। उधर, नगर परिषद की अध्यक्ष नीलम नैयर ने बताया कि कुत्तों के आतंक से निजात दिलाने के लिए उचित प्रयास किए जा रहे हैं।
सुबह बच्चों को स्कूल भेजना डरावना हो गया है। कुत्तों के झुंड हर जगह नजर आते हैं। जैसे ही कोई राहगीर आता है वे हमला कर देते हैं। मोंटी, जनसाली वार्ड
घर से बाहर निकलते समय हमें हमेशा डंडा साथ रखना पड़ता है। बच्चे अकेले स्कूल नहीं जा सकते। सैर करने में भी अब लावारिस कुत्तों के काटने का डर लगा रहता है। त्रिलोक, सपड़ी वार्ड
पिछले साल टीकाकरण हुआ, लेकिन अब कुत्तों का आतंक पहले से ज्यादा बढ़ गया है। प्रशासन को स्थायी समाधान लाना चाहिए। सपड़ी वार्ड में सुबह के वक्त कुत्तों ने रास्ता रोक रखा होता है। अभिषेक ठाकुर, सपड़ी वार्ड
कुत्तों का झुंड शहर में घूम रहा है। वार्डों में यह समस्या गंभीर है, नगर परिषद और प्रशासन तुरंत कदम उठाए। क्योंकि, लावारिस कुत्तों की बढ़ती संख्या लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा है। उमेश शर्मा, सुराड़ा वार्ड