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डॉक्टरों की हड़ताल ने बढ़ाया मरीजों का मर्ज

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मेडिकल कॉलेज चंबा में हड़ताल के चलते महिला रोग विशेषज्ञ ओपीडी के बाहर परेशान बैठी महिला मरीज। - फोटो : Chamba
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चंबा। मेडिकल कॉलेज चंबा समेत सभी अस्पतालों में छठे दिन भी चिकित्सकों की हड़ताल जारी रही। चिकित्सकों की पेन डाउन हड़ताल के कारण उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज सहित अस्पतालों में पहुंचे मरीजों को दो घंटे तक चिकित्सकों का इंतजार करना पड़ा।
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मेडिकल कॉलेज चंबा में चेकअप करवाने के लिए पहुंचे मरीजों को पहले पर्ची बनवाने में कतारों में खड़ा होना पड़ा। जैसे-तैसे कर पर्ची बनने के बाद ओपीडी में पहुंचने पर चिकित्सक न होने से उन्हें इंतजार करना पड़ा। सुबह 9 बजे के करीब इलाज करवाने के लिए पहुंचे मरीजों को सुबह साढ़े ग्यारह बजे उपचार मिल सका। इस दौरान कई मरीज तो थकहार कर जमीन पर बैठ कर ही चिकित्सक का इंतजार करते रहे।
हिमाचल मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष दिलबाग ने बताया कि चिकित्सक विभिन्न वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा चिकित्सकों ने सरकार से मांग की है कि उन्हें पंजाब वेतन आयोग की तर्ज पर स्केल दिया जाए। चिकित्सकों की पदोन्नति में काफी सीमित विकल्प होने की वजह से एसपीएस की 4-9-14 की स्कीम को दोबारा शुरू किया जाए। प्रदेश के चिकित्सकों को पंजाब की तर्ज पर पीजी भत्ता दिया जाए।
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एनपीए को भी 25 प्रतिशत रखा जाए। कहा कि प्रदेश सरकार अपना पे-कमीशन बना रही है और अफसरशाही के चक्कर में पंजाब पे-कमीशन को आधा-अधूरा और भेदभावपूर्व तरीके से लागू कर रही है, जिस कारण चिकित्सकों में आक्रोश है। इस व्यवस्था से नए चिकित्सकों पर एनपीए न लागू करके उसे करीब 60 प्रतिशत पे-स्केल पर काम शुरू करना पड़ेगा। कहा कि पांच दिन से चिकित्सकों की हड़ताल जारी है। कहा कि 17 फरवरी तक चिकित्सकों की मांगों को पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। उन्होंने सरकार से मांग की है कि चिकित्सकों की मांगों को शीघ्र पूरा किया जाए।
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