चंबा/चुराह। चुराह उपमंडल के नागरिक अस्पताल तीसा में एक महिला ने डॉक्टर पर ढाई साल की बीमार बच्ची के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग करने का गंभीर आरोप लगाया है। महिला के आपबीती सुनाने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है और स्वास्थ्य विभाग व पुलिस दोनों स्तरों पर जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही महिला द्वारा साझा किया गया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
महिला का आरोप है कि सोमवार रात करीब 11:30 बजे जब वह अपनी बच्ची को लेकर तीसा अस्पताल पहुंची तो अस्पताल में डॉक्टर मौजूद नहीं था। स्टाफ नर्स द्वारा फोन पर डॉक्टर को सूचना देने पर उन्होंने मौके पर आने से मना कर दिया और बच्ची के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग किया, जिससे महिला आहत हुई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बिपिन ठाकुर ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया है। इस टीम में एक वरिष्ठ खंड चिकित्सा अधिकारी, एक महिला चिकित्सक और एक पुरुष चिकित्सक को शामिल किया है। सभी डॉक्टरों को अलग-अलग स्वास्थ्य खंडों से बुलाया है, ताकि जांच निष्पक्ष हो। सीएमओ ने टीम को तीन दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। साथ ही खंड चिकित्सा अधिकारी तीसा से एक दिन में प्रारंभिक रिपोर्ट मांगी गई है, जिसमें स्पष्ट किया जाएगा कि घटना के समय डॉक्टर ड्यूटी पर था या नहीं।
यदि डॉक्टर ने मरीज या उसके परिजनों के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग किया है तो यह अत्यंत निंदनीय है। जांच रिपोर्ट आने के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. बिपिन ठाकुर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, चंबा
पुलिस कर रही निष्पक्ष जांच
इस मामले में पुलिस ने शिकायतकर्ता महिला और आरोपी डॉक्टर दोनों को थाने बुलाकर पूछताछ की है। अस्पताल स्टाफ के अन्य सदस्यों से भी बयान लिए जा रहे हैं। महिला को न्याय मिले, इसके लिए पुलिस निष्पक्षता से अपनी जांच कर रही है। हितेश लखनपाल, एएसपी, चंबा
विधायक ने लिया संज्ञान
मामले पर चुराह विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. हंसराज ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मंगलवार सुबह अस्पताल का दौरा कर अधिकारियों से जानकारी ली और निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए। विधायक ने कहा कि मरीज या परिजन के साथ अभद्र व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है, और यदि डॉक्टर दोषी पाया गया तो कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
ओपीडी में आने का दिया था परामर्श
चुराह (चंबा)। सिविल अस्पताल तीसा में तैनात चिकित्सक डॉ. कुलभूषण ने कहा कि बच्ची के इलाज के लिए ओपीडी में आने का परामर्श दिया था। परीक्षण के बाद ही इलाज दिया जाना था। उनकी जो भी बात हुई है, वह स्टाफ से हुई है। वह जब महिला से मिलने के लिए गए तो महिला चली गई थी। वह पिछले तीन साल से यहां कार्य कर रहे हैं। कई बार 36-36 घंटे भी ड्यूटी दी है। इस तरह की कोई मंशा नहीं थी। जिस तरह से इस मामले को वायरल किया जा रहा है।