चंबा। जिले का पहला आइस प्लांट बरौर में बनेगा। प्रधानमंत्री मत्स्य पालन संपदा योजना के तहत बनने वाले प्लांट में 24 घंटों में एक टन बर्फ तैयार करने की क्षमता रहेगी। 40 लाख की धनराशि से बनकर तैयार होने वाले इस आइस प्लांट पर मत्स्य पालन विभाग की महत्वाकांक्षी योजना के तहत 24 लाख की सब्सिडी दी जाएगी। विभाग की ओर से भेजे गए प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने पर अब लाभार्थी को भवन तैयार करने संबंधी आदेश जारी किए हैं।
प्लांट स्थापित होने से लोगों के लिए बर्फ खरीदने के लिए जद्दोजहद से छुटकारा मिलेगा तो वहीं, प्लांट में कई बेरोजगारों को भी रोजगार मिलेगा।
प्रधानमंत्री मत्स्य पालन संपदा योजना के तहत अनुसूचित जाति से संबंधित लाभार्थी को आइस प्लांट स्थापित करने के लिए सात प्रतिशत के हिसाब से अनुदान दिया जाता है। ऐसे में जिले में अब पहला आइस प्लांट बरौर में बनने जा रहा है। लाभार्थी की ओर से योजना के तहत जमीन की उपलब्धता के आधार पर आवेदन किया गया था, जिसे विभाग ने स्वीकृति के लिए आला अधिकारियों को भेजा। स्वीकृति मिलने पर विभाग ने लाभार्थी को प्लांट स्थापित करने के लिए हरी झंडी दे दी है।
सामाजिक समारोहों, कार्यक्रमों और शादी सहित अन्य आयोजनों के लिए अब जिले के लोगों को बर्फ के लिए पड़ोसी जिलों का रुख नहीं करना पड़ेगा। समारोह आयोजक, मछुआरे, मत्स्य पालकों सहित ठंडे पेय पदार्थ बेचने वालों को अब जिले में ही पर्याप्त मात्रा में बर्फ उपलब्ध होगी। जिला मुख्यालय से कुछ दूरी पर स्थित बरौर नामक स्थान पर आइस प्लांट लगेगा। प्लांट लगने से प्लांट संचालक की भी आर्थिकी बढ़ेगी और साथ ही कई बेरोजगारों को भी इस प्लांट में काम मिलेगा।
मत्स्य पालन विभाग के उपनिदेशक भूपेंद्र कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत बरौर में 40 लाख की लागत से आइस प्लांट स्थापित किया जाएगा। लाभार्थी के आवेदन को स्वीकृति मिलने पर उसे कार्य आरंभ करने के निर्देश दिए गए हैं। कहा कि योजना के तहत लाभार्थी को सब्सिडी कार्य के अनुसार दी जाएगी।