चंबा। कूड़ा संयंत्र कुरांह में डेढ़ साल बाद गीले कचरे का निष्पादन शुरू होते ही विरोध शुरू हो गया है। बीते दिनों नगर परिषद की टीम ने मशीन को दुरुस्त करवा दिया है।
इसमें गीले कचरे का निष्पादन शुरू होते ही ग्रामीण भड़क उठे। उन्होंने नगर परिषद पर जबरदस्ती उनकी जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने कहा कि जिस भूमि पर गीले कचरे के निष्पादन की मशीन स्थापित की गई है, वह उनकी निजी भूमि है। दूसरी ओर, नगर परिषद भी यह जमीन अपना होने का दावा कर रही है।
उधर, स्थानीय व्यक्ति पवन कुमार ने कहा कि यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर परिषद के अधिकारी कोर्ट के आदेशों को नहीं मान रहे हैं। पवन ने उन्हें डराने का भी आरोप लगाया है। कहा कि जब भी नगर परिषद के अधिकारी आते हैं तो उन्हें धमकी देकर चले जाते हैं। पवन ने कहा कि जब मौके पर पहुंचे अधिकारियों से पूछा गया तो उन्होंने मशीन चलाने के लिए उपायुक्त के आदेश होने की बात कही। उधर, नगर परिषद की कार्यवाहक कार्यकारी अधिकारी नीलम राणा ने कहा कि गीले कचरे के निष्पादन वाली मशीन को दुरुस्त करवा कर शुरू कर दिया गया है। यह जमीन नगर परिषद की है। अगर जमीन नप की नहीं होती तो जब मशीन वहां स्थापित की गई थी, तब क्यों नहीं रोका गया।
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डीसी को ज्ञापन, जबरन शुरू कर दी निजी जमीन पर मशीन
पवन कुमार ने उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल को ज्ञापन सौंपकर इस कार्य को बंद करवाने और उनकी निजी जमीन से मशीन को हटाने की मांग की है। उनके पिता होशियारू राम ने कहा कि नगर परिषद ने मशीन उनकी जमीन पर लगाई है। यह मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन हैं। बावजूद इसके नप ने मशीन शुरू करवा दी है। कहा कि न्यायालय के प्राप्त दस्तावेज दिखाने पर भी नगर परिषद के कर्मचारी मनमानी कर रहे हैं। बार-बार उनके बेटों को धमकाया जा रहा है।
उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल ने कहा कि नप ने व्यक्ति से जमीन खरीदी है। इसके उनके पास दस्तावेज हैं। इन दस्तावेजों को रिकॉर्ड में नहीं चढ़ाया गया है। लिहाजा, व्यक्ति अब जमीन पर अपना हक जता रहा है। कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है। जब तक वहां से कोई आदेश नहीं आ जाते, नगर परिषद का जमीन पर पहला हक है। उसी के तहत मशीन संचालित की गई है। कहा कि नगर परिषद को अपने दस्तावेजों को रिकॉर्ड में चढ़ाने को आदेश दिए गए हैं।