चौरासी परिसर में मौजूद अर्धगंगा कुंड में गंदा पानी निकलने की पुष्टि हुई है। इस पानी से पिछले कुछ दिनों से बदबू आ रही थी। जिसकी शिकायत मणिमहेश श्रद्धालुओं ने सदर पंचायत प्रधान से की थी। प्रधान ने प्रशासन की अगुवाई में अर्धगंगा कुंड का दौरा किया और कुंड को खाली करने के निर्देश दे दिए।
वीरवार को जब इस कुंड को पूरी तरह से खाली किया गया तो सबसे नीचे गंदे पानी के कुंड में मिलने की पुष्टि हो गई। इस मौके पर एसडीएम डॉ. जितेंद्र कंवर समेत आईपीएच के अधिकारी भी मौजूद थे। बताया जा रहा है कि चौरासी मंदिर के ऊपर से आईपीएच ने सीवरेज की पाइप डाल रखी है। इनमें से एक चैंबर का ढक्कन खुला हुआ था। हालांकि आईपीएच ने कुंड में सीवरेज का पानी मिलने से इंकार कर दिया।
विवाद बढ़ता देखकर एसडीएम भरमौर ने आईपीएच और स्वास्थ्य विभाग दोनों को पानी के सैंपल लेने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद पानी की जो भी पुष्टि होगी उसके अनुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि चौरासी परिसर में अर्धगंगा कुंड उन लोगों के लिए व्यवस्थित है जो मणिमहेश नहीं पहुंच पाते हैं। लेकिन इस कुंड में गंदगी मिलने से अब स्थानीय लोग व पुजारी इसे आस्था से खिलवाड़ मान रहे हैं। उधर, प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के निर्देश दे दिए हैं।
रिपोर्ट मिलते ही करेंगे कार्रवाई : एसडीएम
एसडीएम डॉ. विरेंद्र कंवर ने बताया कि अर्धगंगा कुंड में गंदा पानी मिलने की पुष्टि हुई है। इसकी जांच की जाएगी। यह पानी सीवरेज का है या किसी दूसरे माध्यम से यहां पहुंचा। आईपीएच व स्वास्थ्य विभाग को जल्द से जल्द रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट मिलते ही आगामी कार्रवाई होगी।