चंबा। मेडिकल कॉलेज चंबा में स्पेशल रूम में अव्यवस्था को आखिरकार प्रबंधन की ओर से सुधारने का क्रम आरंभ कर दिया गया है। अमर उजाला में स्पेशल रूम में अव्यवस्था की खबर को प्राथमिकता के आधार पर प्रकाशित किया गया। इस पर उपायुक्त ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्राचार्य को व्यवस्था को सुधारने के निर्देश जारी किए। इसके तहत प्राचार्य ने चिकित्सा अधीक्षक से एक्शन टेकिंग रिपोर्ट मांग ली है। इसके तहत बाकायदा मंगलवार को स्पेशल रूम में मरम्मत कार्य को करने के लिए कर्मचारी वर्ग जुटे हुए दिखे। वहीं लोक निर्माण विभाग को मेडिकल कॉलेज प्राचार्य ने प्रस्ताव बनाकर देने के बारे में पत्र लिखा है।
गौरतलब है कि जिले की पौने छह लाख की आबादी को बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए खुले मेडिकल कॉलेज चंबा में लचर सेवाओं ने मरीजों और उनके तीमारदारों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। आलम यह है कि मेडिकल कॉलेज चंबा में स्पेशल रूम की एवज में पैसे लेने के लिए प्रबंधन मरीजों के तीमारदारों को चक्कर कटवाने से पीछे तक नहीं रहता है। बावजूद इसके सहूलियतों के नाम पर महज एक खाली कमरा ही प्रदान किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज चंबा की चौथी मंजिल में स्थित स्पेशल रूप की बात की जाए तो यहां पर मरीज के लिए साधारण बेड रखा गया है। ऐसे में यदि मरीज उठने में असहाय है तो उसे स्टैंड मोड पर लाने के लिए हाथ से घुमाना पड़ता है। इसके अलावा तीमारदार के लिए रखा गया बिस्तर का कवर पूरी तरह से उखड़ चुका है। सफेद चादर के जरिये खामियां छुपाई जा रही हैं। इतना ही नहीं स्पेशल रूम में गीजर महज शोपीस बना हुआ है। गीजर खराब होने से मरीज को गर्म पानी तक नहीं मिल पाता है। शौचालय में फ्लश की टंकी का कंट्रोलर खराब होने हर वक्त पानी टपकता रहता है। शौचालय की खिड़कियों के शीशे टूटे हैं। इन खामियों को छुुपाने के लिए जुगाड़ का सहारा लेते हुए कटे-फटे परदे लगाकर कर प्रबंधन अपने कार्य से इतिश्री करने से भी पीछे नहीं रह रहा था। अमर उजाला ने प्राथमिकता के आधार पर खबर प्रकाशित की। इसके बाद डीसी ने संज्ञान लेकर प्राचार्य को व्यवस्था को जल्द सुधारने के निर्देश दिए।
मेडिकल कॉलेज चंबा के प्राचार्य डॉ. पंकज गुप्ता ने बताया कि स्पेशल रूम में खराब गीजर, फ्लश कंट्रोलर को ठीक करवाकर परदों को बदल दिया गया है। लोक निर्माण विभाग को कमरों की मरम्मत संबंधी प्रस्ताव बनाने के लिए पत्र लिखा गया है।