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Chamba News: बेटी करती रही चॉकलेट का इंतजार... सफेद कफन में लौटे पिता

Mon, 22 Dec 2025 10:52 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
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चंबा। पांच साल की मासूम आराध्या घर के बाहर रास्ते की ओर देखती रहीं। उसे इंतजार था अपने पिता वीरेंद्र कुमार का, जो जाते समय उससे चॉकलेट लाने का वादा कर गए थे, लेकिन किसे पता था कि यह वादा कभी पूरा नहीं होगा। सोमवार को जब वीरेंद्र का पार्थिव शरीर कफन में लिपटकर घर पहुंचा तो मासूम आराध्या यह समझ ही नहीं पाई कि उसके पिता अब कभी वापस नहीं आएंगे।
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पुखरी-माणी मार्ग पर हुई दर्दनाक वाहन दुर्घटना ने एक हंसते-खेलते परिवार को ऐसा जख्म दिया है, जो जिंदगी भर नहीं भर पाएगा। घर में मातम पसरा है। हर आंख नम है। बेटी कभी मां की ओर टकटकी लगाकर देखती है तो कभी दादा-दादी और चाचाओं को। वह यह जानने की कोशिश करती हुई कि आज घर में इतनी भीड़ और इतना रोना क्यों है।
सफेद कफन में लिपटे पिता को देखकर उसके मन में बस यही सवाल था कि पापा उठ क्यों नहीं रहे? वीरेंद्र कुमार ही पूरे परिवार के एकमात्र सहारे थे। वाहन चलाकर वह परिवार का भरण-पोषण करते थे। परिवार में मां बबली देवी, पिता अनूप कुमार, पत्नी शिखा, पांच साल की बेटी आराध्या और भाई भूषण दत्त और बलदेव हैं। परिवार बीपीएल श्रेणी से संबंधित है और खेतीबाड़ी व वीरेंद्र की कमाई से ही घर का खर्च चलता था।
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दुर्घटना ने न केवल वीरेंद्र की जान ली बल्कि एक परिवार से उसका भविष्य भी छीन लिया। अब बुजुर्ग पिता पर फिर से खेतीबाड़ी के साथ पूरे परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी आ गई है। पति की मौत की खबर सुनते ही शिखा बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़ीं। सास बबली देवी ने उन्हें संभाला, लेकिन रोते-बिलखते शिखा के शब्द हर किसी का कलेजा चीर गए आप बेटी को चॉकलेट लाने का वादा करके गए थे, फिर उसे पूरा क्यों नहीं कर पाए?
सोमवार दोपहर बाद वीरेंद्र कुमार का अंतिम संस्कार किया गया। गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर है। यह हादसा एक परिवार को ऐसा दर्द दे गया है, जो उम्र भर उनके साथ रहेगा।
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