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Chamba News: श्रीराम के वनवास जाते ही दशरथ ने त्यागे प्राण

Mon, 29 Sep 2025 06:38 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
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संवाद न्यूज एजेंसी
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डलहौजी (चंबा)। डलहौजी के सदर बाजार स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में ऐतिहासिक रामलीला की शुरुआत भारत माता, कृष्ण राधा की आरती हुई। रानी कैकेयी राजा दशरथ से अपने 2 बर मांगती है, एक में भरत को राजतिलक और दूसरे में राम को 14 वर्ष का बनवास। यह सुनते ही राजा दशरथ जमीन पर औंधे मुंह गिर पड़ते हैं और विलाप करने लगते हैं। तब श्री राम राजा को समझाते है की मैं वन में जाने को तैयार हूं। आप इस बात का पछतावा न करो। उसके बाद राम वहां से चले जाते हैं और पिता के वचन का मान रखते हुए माता कौशल्या के भवन में जाते हैं।
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माता को प्रमाण करने के बाद श्री राम कहते हैं कि वे वन में 14 वर्ष के लिए जा रहे हैं। इस पर माता सीता उनके साथ वन जाने की जिद करती हैं। वहीं, दूसरे दृश्य में सुमित्रा और लक्ष्मण अपने भवन में आराम कर रहे होते हैं। श्रीराम वनवासी पोशाक पहनकर सुमित्रा के महल में आते हैं। वे माता से वन जाने की आज्ञा लेते हैं। लक्ष्मण भी उनके साथ जाने की जिद्द पर अड़ जाते हैं। श्री राम की ओर से लाख समझाने पर भी जब वीर लक्ष्मण नहीं मानते तो अंत में श्रीराम लक्ष्मण को वन साथ चलने के लिए हामी भर देते हैं। अन्य दृश्य में राजा दशरथ कैकेयी के भवन में विलाप कर रहे होते हैं। इतने में श्री राम को वनवासी पोशाक में देखते है जिससे उनकी विरह पीड़ा बढ़ जाती है। श्रीराम के वन जाते ही राजा दशरथ अपने प्राण त्याग देते हैं।
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