बनीखेत (चंबा)। चौहड़ा-शेरपुर सड़क पर वाहन चालकों के लिए गाड़ी चलाना खतरे से खाली नहीं है। सड़क की हालत दयनीय हो चुकी है लेकिन, विभाग इसकी सुध नहीं ले रहा है। सड़क जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे वाहन दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। लोनिवि ने जब से ककियाना संपर्क मार्ग का निर्माण किया है, तब से इस सड़क की हालत खस्ता बनी हुई है।
संपर्क मार्ग का मलबा इस सड़क पर फेंका गया है। इससे सड़क के डंगे भी क्षतिग्रस्त हो गए। डंगे गिरने से मुख्य सड़क का दायरा कम हो चुका है। इससे वाहन सड़क से नीचे लुढ़कने का खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय लोग और वाहन चालक कई बार समस्या के बारे में लोनिवि को अवगत करवा चुके हैं लेकिन, अभी तक विभाग ने समस्या का समाधान नहीं किया है। विभाग ने संपर्क मार्ग तो बना दिया है लेकिन, चौहड़ा-शेरपुर मार्ग की हुई दयनीय हालत को सुधारने की जहमत नहीं उठाई। इसके चलते वाहन चालकों को जान जोखिम में डालकर गाड़ी चलानी पड़ रही है।
बस सेवा का नहीं मिल रहा लाभ
रमन कुमार ने बताया कि लोनिवि ने एक लिंक मार्ग बनाने के लिए मुख्य मार्ग की हालत बिगाड़ दी। इसकी वजह से वाहन चालकों को गाड़ी चलाने में काफी परेशानी हो रही है। लिंक मार्ग का मलबा डंपिंग साइट में डालने के बजाय उपरोक्त मार्ग पर फेंक दिया। इससे सड़क क्षतिग्रस्त हो गई।
अनिल कुमार ने बताया कि चौहड़ा-शेरपुर मार्ग की हालत खस्ता होने की वजह से स्थानीय लोगों को बस सेवा का भी लाभ नहीं मिल पा रहा है। बस चालकों ने मार्ग पर बसें चलाने से मना कर दिया है।
मदन लाल ने बताया कि लोनिवि जहां ग्रामीण क्षेत्रों के लिए नई सड़कें बना रहा है, वहीं मुख्य सड़क की हालत को बिगाड़ कर उसे सुधारा नहीं जा रहा है। इससे वाहन चालक तो परेशान हो रहे हैं वहीं, स्थानीय लोगों को भी इससे परेशान होना पड़ रहा है। बसें न मिलने से लोगों को पैदल चलना पड़ रहा है। ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि लोनिवि के अधिकारी सड़क को एनएचपीसी की बताते हैं। जबकि, एनएचपीसी इसे लोनिवि के अधीन बताता है। उन्हें इस बात की ही समझ नहीं लग रही है कि आखिरकार सड़क किसके अधीन है? उन्होंने प्रशासन से इस समस्या का समाधान करवाने की मांग की है।
लोनिवि के अधीक्षण अभियंता डीएस पठानिया ने कहा कि सड़क एनएचपीसी के अधीन है। सड़क की दयनीय हालत को विभाग ठीक करवा देता है लेकिन, स्थानीय लोगों को एनएचपीसी से इसके बारे में बात करनी चाहिए।