होली (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र होली में निर्माणाधीन जल विद्युत परियोजना में कंपनी नियमों को दरकिनार कर रही है। एक तरफ जहां कंपनी की ओर से चोली में स्थित क्रशर प्लांट से निकलने वाले मलबे को रावी नदी में फेंका जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर हरे-भरे पेड़ों को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। हैरानी की बात तो यह है कि इसके बारे में प्रशासन और वन विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
हालांकि, स्थानीय ग्रामीण इसके बारे में कई बार शिकायत कर चुके हैं लेकिन अभी तक कार्रवाई के लिए विभागीय अफसर दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। एक तरफ प्रशासन और वन विभाग पर्यावरण संरक्षण के दावे करते हैं तो वहीं दूसरी तरफ कंपनी की ओर से पर्यावरण को पहुंचाए जा रहे नुकसान के खिलाफ कार्रवाई आज दिन तक कार्रवाई नहीं हो पाई है। इससे स्थानीय लोगों में रोष है। ग्रामीणों रमेश कुमार, सुरेंद्र सिंह, देवी सिंह, अमित कुमार, राज कुमार आदि का कहना है कि कंपनी नियमों की पालना नहीं कर रही है और रावी में मलबा फेंका जा रहा है।
डीएफओ नरेंद्र ठाकुर का कहना है कि यह मामला ध्यान में नहीं है। अगर कंपनी नियमों की अवहेलना कर रही है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कंपनी अधिकारी वीरेंद्र चौबे का कहना है कि उन्हें इसके बारे में जानकारी नहीं है। इसके बारे में पता लगाया जाएगा।