पुलिस के पीओ सेल ने उद्घोषित अपराधी को दिल्ली के आईएसबीटी से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पीओ सेल की टीम वापस चंबा लौट आई है।
अपराधी को अदालत में पेश करने की औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। जानकारी के अनुसार चंबा के रविंद्र सिंह ने वर्ष 2014 में दिल्ली के मनीष गुप्ता पुत्र किशन गुप्ता वासी हाउस नंबर 1/7076 शिवाजी पार्क न्यू दिल्ली के खिलाफ 50-50 हजार रुपये के दो जाली चेक देने को लेकर अदालत में मुकदमा दायर किया था।
रविंद्र सिंह का कहना था कि स्टॉल की खरीद के एवज में मनीष गुप्ता ने दो चेकों के माध्यम से भुगतान किया था। मगर इन चेकों को बैंक में प्रस्तुत करने पर बाउंस हो गए। अदालत में मुकदमा दायर होने के बाद से मनीष गुप्ता भूमिगत हो गया था। पुलिस ने मनीष गुप्ता के दिल्ली वाले ठिकाने पर दबिश भी दी, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल पाया। इसी बीच अदालत ने मनीष गुप्ता को उद्घोषित अपराधी करार दे दिया। पुलिस की पीओ सैल की टीम मनीष गुप्ता की तलाश में जुटी हुई थी।
इसी बीच पीओ सैल की टीम को मनीष गुप्ता के दिल्ली के आईएसबीटी में होने की सूचना मिली। पीओ सैल के मुख्य आरक्षी हमिद मोहम्मद, मुख्य मानक आरक्षी चमनलाल, आरक्षी रविंद्र और महिला आरक्षी रीना ने आईएसबीटी में दबिश देकर मनीष गुप्ता को धर दबोचा। उधर, डीएसपी चंबा वीर बहादुर ने दिल्ली के आईएसबीटी से अदालत द्वारा उद्घोषित अपराधी मनीष गुप्ता के पकडे़ जाने की पुष्टि की है।