बाल विवाह के लिए चर्चित हो चुके चंबा जिला में एक और मामला सामने आया है। इस साल में बाल विवाह का यह दसवां मामला है। चंबा उपमंडल के इस मामले में लड़की और लड़का दोनों की नाबालिग हैं। परिजनों ने दोनों की शादी जून माह में तय की थी। यह मामला आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की सूझबूझ से सामने आया है।
क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पास नाबालिग राशन लेने आई थी। जहां उसने अपनी शादी की बात कार्यकर्ता को बताई। कार्यकर्ता ने इस संबंध में लड़की की आयु से जुड़े दस्तावेजों का मुआयना किया। इसमें उसके नाबालिग होने की पुष्टि हो गई। इसके बाद कार्यकर्ता शादी वाले घर पहुंच गई। जहां उसने लड़की के परिजनों को मनाने की कोशिश की। लेकिन, वे शादी रोकने के लिए तैयार नहीं हुए। इसके बाद कार्यकर्ता ने इसकी जानकारी डीपीओ को दी।
शनिवार को चंबा से डीपीओ की अगुवाई में मौके पर पहुंची टीम ने वधू पक्ष को 18 साल से पहले शादी न करवाने की नसीहत दी और ऐसा करने पर सख्त कानून का भी हवाला दिया। साथ ही वर पक्ष को भी दूरभाष पर इस शादी को न करने की नसीहत दी। इसके बाद दोनों पक्ष राजी हो गए। विभाग ने वधु पक्ष से लिखित रूप में 18 साल से पहले शादी न करने का करार ले लिया है।
18 साल से पहले नहीं होगी शादी : डीपीओ
जिला कार्यक्रम अधिकारी वीरेंद्र आर्य ने बताया कि शादी जून में होनी थी। लेकिन, लड़की की उम्र अभी 17 साल की भी नहीं है। इसके चलते इस शादी को रोका गया है। अब नियमित रूप से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लड़की पर नजर रखेगी और उसके परिवार से बातचीत करेगी।