भरमौर (चंबा)। हड़सर-मणिमहेश पैदल रास्ते पर जलधार मंदिर के पास मंगलवार शाम को भूस्खलन हो गया। इससे भारी मात्रा में पत्थर और मलबा हड़सर कुगति मार्ग पर गिरा। पत्थरों और मलबे की चपेट में आने से मणिमहेश जाने वाले श्रद्धालुओं के आधा दर्जन वाहनों को क्षति पहुंची। यह वाहन कुगति मार्ग पर सड़क किनारे खडे़ थे। गनीमत रही कि हादसे के समय गाड़ी में कोई भी श्रद्धालु मौजूद नहीं थे। सभी श्रद्धालु मणिमहेश को रवाना हो चुके थे। बुधवार दोपहर को जब श्रद्धालु वापिस हड़सर पहुंचे तो उन्होंने गाड़ियों को क्षतिग्रस्त पाया।
श्रद्धालुओं ने इसके बारे में पुलिस और प्रशासन को कोई सूचना नहीं दी है। क्षतिग्रस्त गाड़ियों में सवार होकर गंतव्य के लिए रवाना हो गए। श्रद्धालु राकेश कुमार, वीर सिंह, किरपाल सिंह, अमर चंद, कपलेश कुमार, वीरेंद्र, जोगिंद्र पाल, बलदेव सिंह और निहाल राज ने बताया कि मणिमहेश यात्रा अधिकारिक तौर पर अभी तक शुरू नहीं हुई है। मगर श्रद्धालुओं की संख्या अभी से बढ़ना शुरू हो गई है।
मगर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए वाहनों की पार्किंग के लिए सुरक्षित स्थान का कोई बंदोबस्त नहीं है। इसकी वजह से श्रद्धालु जगह-जगह सड़क किनारे गाड़ियां खड़ी कर रहे हैं। उन्होंने मणिमहेश न्यास से मांग की कि सुरक्षित पार्किंग स्थल के बारे में जगह-जगह सूचना पट्ट लगाए जाएं। ताकि श्रद्धालु प्रशासन की बनाई गई पार्किंग में वाहन खड़े कर सकें। एसएचओ नितिन चौहान ने बताया कि लोगों ने गाड्यिों पर पत्थर गिरने के बारे में पुलिस को सुूचित किया था। मगर पुलिस के पहुंचने से पहले श्रद्धालु गाड़ियों को लेकर जा चुके थे।