चंबा। विशेष सत्र न्यायाधीश चंबा राजेश तोमर की अदालत ने चरस तस्करी मामले के दोषी को 12 साल का कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत के आदेशानुसार जुर्माना न अदा करने की सूरत में दोषी को एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत में इस मामले की पैरवी जिला न्यायवादी विजय रेहलिया ने की। उन्होंने इस मामले के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह मामला 22 अक्तूबर 2016 का है। पुलिस टीम चंबा-तीसा मार्ग पर कोटी के समीप बेही में नाका लगाया था।
नाकाबंदी के दौरान मार्ग से गुजर रहे वाहनों की तलाशी ली जा रही थी। इसी दौरान एक व्यक्ति तीसा की तरफ से आया। इस व्यक्ति के कंधे पर एक बैग भी था। पुलिस को मौके पर देखकर व्यक्ति भागने का प्रयास करने लगा। पुलिस टीम को व्यक्ति पर संदेह हुआ और उसको पकड़ने के लिए दौड़े। पुलिस ने कुछ ही दूरी पर इस व्यक्ति को पकड़ लिया। पुलिस ने व्यक्ति से पूछताछ शुरू की। पूछताछ में उसने अपना नाम तेज सिंह पुत्र ठाकरु राम निवासी गांव स्वाई डाकघर सिद्दोट तहसील चुराह जिला चंबा बताया। पुलिस ने बैग की तलाशी शुरू की।
तलाशी के दौरान बैग से तीन किलो चार सौ ग्राम चरस बरामद हुई। पुलिस ने आरोपी को तुरंत हिरासत में लिया। इसके साथ ही एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने मामले की गहनता से छानबीन की। इसके बाद पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश किया। इसके बाद अदालत ने मंगलवार को अपना फैसला सुनाया। 12 साल की सजा तेज सिंह को चरस तस्करी करने पर भुगतनी होगी। इसके साथ ही एक लाख रुपये का जुर्माना भी भुगतना होगा।