चंबा। प्रदेश सरकार भले ही बेहतर परिवहन सेवाएं देने के दावे कर रही हो, मगर एचआरटीसी कार्यालयों के हालात बेहद खराब हैं। कार्यालय का काम निपटाने के लिए क्लर्कों की जगह परिचालकों की सेवाएं ली जा रही हैं।
वहीं, बसों का स्टेयरिंग संभालने वाले चालक स्टोर कीपर बन गए हैं।एचआरटीसी कार्यालय चंबा में कार्यालय स्टाफ के पद खाली होने के कारण यह स्थिति बन गई है।
कार्यालय में क्लेरिकल स्टाफ के करीब 25 पद स्वीकृत हैं। इनमें महज पांच ही पद भरे हैं, जबकि 20 पद खाली चल रहे हैं। व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगम के अधिकारी चालकों और परिचालकों की सेवाएं लेने पर मजबूर हैं। पास बनाने से लेकर कैश काउंटर और स्टोर सहित अन्य शाखाओं में चालक और परिचालक सेवाएं दे रहे हैं।
गौरतलब है कि एचआरटीसी चंबा की ओर से 174 रूटों पर बस सेवाएं मुहैया करवाई जा रही हैं। निगम के पास वर्तमान समय में 200 चालक और 199 परिचालक हैं। इनमें से 20 ऐसे हैं, जिन्हें निगम के कार्यालय में तैनात किया गया है। इसका कारण है कि निगम के पास क्लेरिकल स्टाफ की कमी है। एचआरटीसी कार्यालय में स्टाफ की कमी के चलते अधिकारी जुगाड़ के सहारे व्यवस्था बनाने पर मजबूर है।
उधर, क्षेत्रीय प्रबंधक चंबा शुगल सिंह ने कहा कि कार्यालय में क्लर्कों की कमी चल रही है। कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए परिचालकों को तैनात किया गया है। कहा कि उन्होंने स्टाफ की कमी के बारे में उच्चाधिकारी को भी अवगत करवा दिया है।