चंबा। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिले में रोजाना होने वाली 1,000 बच्चों की स्वास्थ्य जांच बुधवार को नहीं हो पाई। यह जांच नेशनल हेल्थ मिशन के तहत नियुक्त कर्मचारी करते हैं जो अपनी मांगें पूरी न होने के चलते वीरवार से हड़ताल पर जाने की योजना बना रहे हैं।
ये सभी कर्मचारी वीरवार को शिमला में मुख्यमंत्री से भी मिलेंगे। इसके चलते बुधवार को कोई भी कर्मचारी बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में नहीं पहुंचा। दिनभर कर्मचारी कार्यालय में रहकर हड़ताल की योजना बनाने में जुटे रहे। अगर ये कर्मचारी हड़ताल पर चले गए तो आगामी दिनों में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के स्वास्थ्य की जांच नहीं होगी।
गौरतलब है कि चंबा जिले में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करने के लिए 11 टीमें बनाई गई हैं। इन टीमों में चिकित्सक, फार्मासिस्ट और स्वास्थ्य कार्यकर्ता शामिल किए गए हैं। ये कर्मचारी नेशनल हेल्थ मिशन के तहत अपनी सेवाएं दे रहे हैं। रोजाना 11 टीमें जिले के विभिन्न स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में जाकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करती हैं। रोजाना 1,000 बच्चों के स्वास्थ्य की जांच होती है। इसमें 100 से 200 बच्चे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज चंबा रेफर किए जाते हैं।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चों की स्वास्थ्य जांच जल्द शुरू करवाई जाएगी। एनएचएम कर्मचारियों को कार्यक्रम के तहत बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करने के निर्देश जारी किए जाएंगे। - डॉ. जालम सिंह, जिला स्वास्थ्य अधिकारी चंबा।