फील्ड कर्मी घर-घर जाकर माता-पिता से पूछेंगे- बच्चे को क्या खिलाना चाहते हैं
नई पहल... हर क्षेत्र की स्थानीय पसंद, बच्चों की जरूरत के हिसाब से बदलेगा मेन्यू
तैयार कर निदेशालय भेजी जाएगी रिपोर्ट, शिमला से लगेगी फैसले पर अंतिम मुहर
पंकज सलारिया
चंबा। जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को अभिभावकों की पसंद का पोषाहार मिलेगा। महिला एवं बाल विकास विभाग ने इसके लिए नई पहल की है।
फील्ड कर्मी घर-घर जाकर माता-पिता से पूछेंगे कि वे अपने बच्चे को क्या खिलाना चाहते हैं। अभी तक आंगनबाड़ी में विभाग की तय मेन्यू के हिसाब से दलिया, खिचड़ी, पंजीरी, मीठा दलिया दिया जाता था। कई बार बच्चे इसे पसंद नहीं करते और खाना बर्बाद होता था। अब नई व्यवस्था में हर क्षेत्र की स्थानीय पसंद और बच्चों की जरूरत के हिसाब से मेन्यू बदला जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हर घर जाएंगी और अभिभावकों से फॉर्म भरवाएंगी। पूछा जाएगा कि बच्चा क्या खाना पसंद करता है, किसी चीज से एलर्जी तो नहीं, मोटे अनाज, दालें, मौसमी फल-सब्जी में क्या देना चाहेंगे। यह रिपोर्ट तैयार कर महिला एवं बाल विकास विभाग को भेजी जाएगी। रिपोर्ट निदेशालय शिमला भेजी जाएगी। यहां से इस मामले को लेकर अंतिम मुहर लगेगी। गौरतलब है कि जिले में 1495 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें हजाराें बच्चे अपना आधार पक्का करने के लिए पहुंच रहे हैं।
यह होगा फायदा
विभाग की इस पहल से खाना बर्बाद होना बंद होगा। स्थानीय फसलों को बढ़ावा मिलेगा। बच्चों में खून की कमी, कुपोषण की दर घटेगी। साथ ही अभिभावकों का विभाग पर भरोसा बढ़ेगा
इस बारे में पहल की जा रही है। अभिभावकों से भी राय ली जाएगी और बच्चों को पोषित आहार उपलब्ध करवाया जाएगा।
- कमल किशोर शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग