चांजू-मार्ग कठवाड़ घार में भूस्खलन होने के चार दिन बाद आवाजाही के लिए लोनिवि ने खोल दिया। कठवाड़ घार में भूस्खलन होने से चुराह की चार पंचायतें बघेईगढ़, चांजू, चरड़ा व देहरा उपमंडल से अलग हो गई थी।
यहां के लोगों को खाने के भी लाले पड़े हुए थे। जिसमें राशन सहित सब्जियों व अन्य रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति नहीं हो पा रही थी। कठवाड़ घार में लगातार पत्थर गिरने से विभाग विभाग को मार्ग खोलने मे काफी परेशानियां आई। वहीं बारिश ने भी विभाग को खूब रुलाया। इस घार पर विभाग को 35 लाख का नुकसान उठाना पड़ा। चार दिन के बाद लोगों ने मार्ग खुलने पर लोनिवि का धन्यवाद किया। इससे लोगों को राशन व अन्य सामग्री भी घर-द्वार पहुंच गई। लोनिवि ने दोनों तरफ से मशीनरी लगाई हुई थी। मंगलवार को मौसम ने भी विभाग का साथ दिया। नतीजतन मंगलवार शाम 7 बजे मार्ग पूरी तरह खोल दिया गया।
वहीं चुराह के तरेला में अस्थायी पुल बहने से यहां की चार पंचायतें जुनास, गुईला, मंगली व बोंदेड़ी चुराह से अलग हो गई थी। गाड़ियों की भी कोई आवाजाही न होने से लोगों को उपमंडल व जिला मुख्यालय जाने के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। यहां भी चार दिन से राशन व अन्य रोजमर्रा का सामान नहीं पहुंच रहा था लेकिन तरेला मार्ग को भी विभाग ने मंगलवार को रात 9 बजे तक पूरी तरह खोल दिया।
लोनिवि को 35 लाख का नुकसान
लोक निर्माण विभाग को बारिश की वजह से चुराह में करीब 35 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। विभाग को भारी बारिश की वजह से सड़कें व पुल बहने से नुकसान झेलना पड़ा है। लोनिवि के अधिशासी अभियंता जीत सिंह ठाकुर ने बताया कि बारिश की वजह से मार्ग खोलने में देरी हुई है लेकिन विभाग की लेबर नियमित रूप से तैनात है। भविष्य में कोई भी नुकसान होने पर तत्काल राहत कार्य छेड़ दिया जाएगा।