15 किलोमीटर के दायरे में एचआरटीसी की तीन बसें खराब होने से परेशान रहे यात्री
चनेड, कांदू और देवीदेहरा में सड़क के किनारे खड़ी मिलीं परिवहन निगम की बसें
संवाद न्यूज एजेंसी
चनेड़ (चंबा)। चंबा कितनी दूर है... पूछते हुए यात्री आगे बढ़ रहे थे लेकिन उन्हें क्या पता था कि मंजिल से पहले ही बसों का सफर खत्म हो जाएगा। चंबा की चौखट तक पहुंचने से पहले 15 किलोमीटर में एचआरटीसी की तीन बसें हांफ गईं। सड़क के किनारे खड़ी इन बसों ने यात्रियों के इंतजार को लंबा और निगम की व्यवस्था पर सवालों को गहरा कर दिया।
शिमला से चंबा आ रही एचआरटीसी बस के पहिये चनेड़ के समीप तकनीकी खराबी आने के कारण थम गए। करीब पांच किलोमीटर आगे कांदू के पास दूसरी बस भी खराब हालत में सड़क के किनारे खड़ी मिली। इसके बाद करीब दस किलोमीटर आगे देवीदेहरा में एचआरटीसी की तीसरी बस भी खराब खड़ी थी। कुछ ही दूरी के भीतर तीन बसों के खराब होने से यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। लंबी दूरी का सफर तय कर रहे यात्रियों को घंटों तक सड़क के किनारे खड़े होकर इंतजार करना पड़ा। बाद में दूसरी बस की व्यवस्था होने के बाद उन्हें गंतव्य की ओर रवाना किया गया।
यात्रियों में अमिशा शर्मा, नताशा कुमारी, किरण कुमारी, काजल कुमारी, राहुल कुमार, कर्ण कुमार, सोभिया राम और विशाल कुमार ने बताया कि एचआरटीसी की बसों की बीच सफर में खराब होने की समस्या आम बनती जा रही है। लोग समय पर पहुंचने के लिए बसों में सफर करते हैं लेकिन बसें खराब होने से उन्हें घंटों तक इंतजार करना पड़ता है। किराया देने के बावजूद असुविधा और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने सरकार और परिवहन निगम से मांग की है कि पुराने वाहनों की स्थिति की गंभीरता से समीक्षा की जाए। यदि बसें लंबे रूटों पर चलने योग्य नहीं हैं तो उन्हें हटाकर नई बसें उपलब्ध करवाई जाएं। उधर, एचआरटीसी के डीडीएम शुगल सिंह ने बताया कि कई बसें पुरानी हो चुकी हैं। इस कारण तकनीकी खराबी आ रही है। बसों की नियमित मरम्मत की जाती है। नई बसों को बेड़े में शामिल करने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा है।
चनेड के पास खराब ख़डी सरकारी बस : संवाद