चलुंज मोड़ के समीप बस का स्टीयरिंग एंड टूटने के बाद चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और बस सड़क से पलटी खाकर नीचे दूसरी सड़क पर जा गिरी। बस में फंसी सवारियों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर बस को सीधा करने का प्रयास किया और पुलिस तथा प्रशासन को सूचना दी। इसके साथ ही स्थानीय लोगों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। एएसपी चंबा दिनेश शर्मा ने कहा कि बैरागढ़ से चंबा आ रही प्राइवेट बस पांच किलोमीटर का सफर तय करने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे के दाैरान बस में 18 लोग सवार थे। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
हादसे पर पीएम मोदी, सीएम सुक्खू ने जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश के चंबा में हुए एक हादसे में लोगों की मौत पर दुख जताया। मोदी ने कहा, "मेरी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। घायल लोग जल्द से जल्द ठीक हों।" वहीं मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भी हादसे में अपनों को खोने वाले परिवारों के प्रति संवेदनाए व्यक्ति की हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन को सभी घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराकर उनके समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भी चंबा जिले में हुई बस दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की तथा राज्य सरकार से सभी घायलों के समुचित उपचार और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।
चांजू बस दुर्घटना की होगी मैजिस्ट्रेट जांच, एडीएम चंबा ने दिए निर्देश
चांजू में हुए बस हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश जारी किए गए हैं। एडीएम चंबा अमित मेहरा ने हादसे के कारणों और परिस्थितियों की जांच के लिए संबंधित एसडीएम चुराह को आवश्यक निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर तैयार कर जिला प्रशासन को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। मजिस्ट्रेट जांच के दौरान हादसे से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की जाएगी। इसमें दुर्घटना के संभावित कारणों, परिस्थितियों और संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी जुटाई जाएगी। अधिकारियों को जांच प्रक्रिया पूरी गंभीरता और समयबद्ध तरीके से पूरी करने को कहा गया है। प्रशासन की ओर से हादसे में प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता मुहैया करवाने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। तहसीलदार चुराह को निर्देश दिए गए हैं कि राजस्व विभाग के कर्मचारी प्रभावित परिवारों से संपर्क कर उन्हें नियमानुसार मिलने वाली राहत राशि घरद्वार जाकर उपलब्ध करवाएं। जिला प्रशासन ने जांच रिपोर्ट निर्धारित अवधि में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं, जिससे हादसे के कारणों का पता लगाकर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।