चंबा। दवाई की दुकान में सीसीटीवी की डीवीआर (डिजिटल वीडियो रिकॉर्डिंग) जांची जाएगी। रिकॉर्डिंग बंद होने पर दवा विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को सभी दवाई की दुकानों की डीवीआर जांचने के आदेश जारी किए हैं। दवा निरीक्षक अब जिले की ढाई सौ दवाइयों की दुकानों में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर जांचेंगे।
डॉक्टर की पर्ची के बिना दवाओं की बिक्री पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने दवाइयों की दुकानों में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य किए हैं। जो दवा विक्रेता दुकान पर सीसीटीवी नहीं लगाएगा उसके खिलाफ स्वास्थ्य विभाग को कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। कार्रवाई के डर से सभी विक्रेताओं ने अपनी दुकानों में सीसीटीवी लगा दिए हैं लेकिन अब इस बात को सुनिश्चित किया जाएगा कि सीसीसीटी कैमरे नियमित रूप से काम कर रहे हैं या नहीं।
जिन दुकानों में सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में गड़बड़ी पाई जाएगी उनके खिलाफ विभाग कड़ी कार्रवाई करेगा। अक्सर देखने में आया है दवा विक्रेता पैसे कमाने के चक्कर में युवाओं को नशीली दवाई भी बेच देता है। इसी दिशा में जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाने का फैसला लिया है।
दवा निरीक्षक राकेश कौशल ने बताया कि जिलाधीश के आदेशानुसार सभी दवाइयों की दुकानों में लगे डीवीआर की जांच की जाएगी। इसमें किसी प्रकार की खामी पाए जाने पर दवा विक्रेता के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त डीसी राणा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग से सीसीटीवी जांच को लेकर किए गए निरीक्षणों का ब्योरा मांगा गया है। बिना सीसीटीवी दवाई बेचने वाले दवा विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए विभाग को सख्त आदेश दिए गए हैं।