चंबा। चंबा-डोडा रूट पर चलने वाली एचआरटीसी की बस सेवा पूरी तरह प्रशासनिक आदेशों पर निर्भर होकर रह गई है। यह बस केवल मणिमहेश यात्रा के दौरान ही चलाई जाती है, जबकि यात्रा समाप्त होते ही इसे बंद कर दिया जाता है। इसके चलते इस रूट से सफर करने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों का कहना है कि इस महत्वपूर्ण रूट पर बस सेवा शुरू करने की मांग वे कई बार परिवहन निगम और प्रशासन के समक्ष उठा चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगी। वर्तमान में चंबा से डोडा के लिए कोई भी नियमित बस सेवा उपलब्ध नहीं है, जिससे यात्रियों को निजी वाहनों या महंगे वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना पड़ता है।
स्थानीय निवासी रमन कुमार, सौरभ, जगदीप सिंह, करन कुमार, संगम और दीपक कुमार ने बताया कि चंबा-डोडा बस सेवा शुरू होने से विशेष रूप से डोडा जाने वाले लोगों को बड़ा लाभ मिलता है। यह रूट व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद अहम है, लेकिन नियमित बस न चलने से आम जनता को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यदि बस सेवा मणिमहेश यात्रा के दौरान चलाई जा सकती है तो इसे पूरे वर्ष नियमित रूप से भी संचालित किया जाना चाहिए। लोगों ने मांग की है कि डीसी के विशेष आदेशों के बजाय इस रूट को एचआरटीसी के नियमित टाइम टेबल में शामिल किया जाए, ताकि जनता को स्थायी राहत मिल सके। यात्रियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो वे मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाने पर भी विचार करेंगे।
उधर, एचआरटीसी के डीडीएम शुगल सिंह का कहना है कि नई बसें आने पर ही इस रूट पर बस को भेजा जा सकता है।