चंबा। केमिस्टों को अब किसी भी मरीज को कफ सिरप बेचने से पहले उसका रिकॉर्ड टीबी मुक्त एप में भरना होगा , नहीं तो उनके खिलाफ स्वास्थ्य विभाग कड़ी कार्रवाई अमल में लाएगा। इस संबंध में जिले के 350 केमिस्टों को आदेश जारी कर दिए गए हैं।
ये निर्देश इसलिए दिए गए हैं, ताकि टीबी के छिपे हुए मरीजों का आसानी से पता लगाया जा सके। अन्यथा मामूली लक्षणों वाले मरीज खांसी की दवा खाकर विभाग की नजरों से बचे रहते हैं। उनके कारण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में यह संक्रमण फैलता रहता है। जिसे रोकने के लिए अब खांसी की दवा पीने वाले हर व्यक्ति का रिकॉर्ड स्वास्थ्य विभाग अपने पास रखेगा, ताकि समय-समय पर ऐसे लोगों की स्क्रीनिंग करके टीबी रोग का पता लगाया जा सके।
अब तक जिले में केमिस्ट डॉक्टर की पर्ची देखकर सीधे कफ सिरप दे देते थे। मरीज का रिकॉर्ड नहीं रखते थे। इसके अलावा कोई कफ सिरप लेने के लिए उनके पास आता है तो वे पैसे लेकर दवा दे देते थे। इसी के चलते विभाग ने यह पहल की है। इस रिकॉर्ड की हर महीने विभाग समीक्षा भी करेगा। इसमें यदि किसी प्रकार की खामी मिलेगी तो संबंधित केमिस्ट पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
सभी केमिस्टों को स्पष्ट निर्देश हैं कि कफ सिरप का रिकॉर्ड टीबी मुक्त एप पर डालना होगा। इन नियमों को सभी केमिस्ट मानकर ही कफ सिरप बेचें। डॉ. जालम सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, चंबा