चंबा। लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। लोग एक तरफ भाजपा की योजनाओं को प्रत्याशियों को मिली बढ़त से जोड़ रहे हैं तो उम्मीदवार की घोषणा देरी से करने को कांग्रेस के पिछड़ने का कारण बताया जा रहा है।
शहर के प्रबुद्धजनों के अनुसार भाजपा के पांच फैक्टर हावी रहे हैं, जो कांग्रेस प्रत्याशियों को बढ़त न मिलने का कारण बन गए। क्षेत्र से बाहर का प्रत्याशी होना भी कांग्रेस प्रत्याशी को बढ़त न मिलने का कारण माना जा रहा है। केंद्र सरकार की किसान समृद्धि योजना ने भी लोगों को अपनी तरफ खींचा है। नतीजों के बाद वरिष्ठ नागरिकों खुलकर अपनी बात रखी।
कांग्रेस की हार का कारण सक्रिय नेता न होना रहा। राज्यसभा में वे मनोनीत सांसद के रूप में पहुंचे। चंबा से बढ़त न मिलना यह भी कारण माना जा रहा है।
-एससी नैय्यर, वरिष्ठ नागरिक
कांग्रेस प्रत्याशी ने स्थानीय मुद्दों को दरकिनार किया, जबकि भाजपा के चार सौ पार नारे ने भी मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित किया।
-पीसी ओबरॉय, वरिष्ठ नागरिक
भाजपा का प्रचार नेटवर्क काफी स्ट्रांग रहा। कांग्रेस के लिए नया प्रत्याशी बढ़त न मिलने का कारण रहा। भाजपा ने डोर-टू-डोर बेहतर प्रचार की योजना बनाई थी।
- सुरेश कश्मीरी, वरिष्ठ नागरिक
हर बार कांगड़ा क्षेत्र का सांसद बना है, मगर कांग्रेस ने कांगड़ा और चंबा से प्रत्याशी नहीं दिए। यही वजह कांग्रेस की हार के लिए काफी बनी।
- पीसी रैणा, वरिष्ठ नागरिक