चंबा (सलूणी)। वर्ष 2017 में शुरू हुआ राजकीय महाविद्यालय भलेई आज बदहाली के दौर से गुजर रहा है। हालात यह हैं कि कॉलेज में कुल तीन संकायों में केवल आठ विद्यार्थी ही शेष बचे हैं। इस कॉलेज का न भवन बना और न ही पूरा स्टाफ नियुक्त हो सका।
शुरुआत में करीब 200 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत रहे। आज हालात बिलकुल उलट हैं। वर्तमान में एकमात्र प्रवक्ता कार्यरत है, जबकि छह पद रिक्त पड़े हैं। अंग्रेजी, राजनीतिक विज्ञान, इतिहास, दो कॉमर्स और अर्थशास्त्र के पदों पर नियुक्तियां अब तक नहीं हो सकीं। स्टाफ की कमी के चलते शिक्षा व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित है। भवन निर्माण की फाइल वर्षों से धूल फांक रही है। कॉलेज अस्थायी भवनों में चल रहा है, जिससे न विद्यार्थियों को पढ़ाई का सही माहौल मिलता है और न ही संस्थान को समुचित सुविधाएं।
अभिभावक सलोचना देवी, सुषमा देवी, दलीप कुमार, संदीप कुमार और राजीव कुमार का कहना है कि नजदीक कॉलेज होने के बाद भी चंबा और बनीखेत कॉलेजों में बेहतर संसाधन उपलब्ध होने के कारण विद्यार्थी वहीं का रुख कर रहे हैं। कई बच्चे दूर काॅलेज में जाने के लिए असमर्थ है तो उन्हें मजबूरन घर बैठना पड़ रहा है।
उधर, भलेई कॉलेज के कार्यकारी प्राचार्य धर्म सिंह का कहना है कि स्टाफ की कमी के बारे में उच्चाधिकारी को अवगत करवाया गया है। बिना स्टाफ के विद्यार्थियों की संख्या कम होती जा रही है। उम्मीद है कि सरकार जल्द ही पूरे स्टाफ की तैनाती कर सके, ताकि विद्यार्थियों की संख्या भी बढ़े।