बिना आराम किए घायल महिला को तीन घंटे में लगाए 100 से अधिक टांके
भालू ने हमला कर नोंच डाला था पूरा मुंह, टांके लगा बना दिया पहले जैसा
परिजन एम्स बिलासपुर जाने की बना रहे थे योजना, डॉक्टरों ने कर दिया कमाल
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। मेडिकल कॉलेज में अकसर मरीज डॉक्टर की कमी और सेवाओं को लेकर नाराज रहते हैं। हर बार यही सवाल उठता है कि मरीजों को समय पर बेहतर इलाज नहीं मिल पाता लेकिन इस कहावत को मेडिकल कॉलेज में कार्यरत दंपती डॉक्टर ने उस समय गलत साबित कर दिया। जब उन्होंने भालू के हमले में घायल महिला का तीन घंटे तक बिना आराम किए इलाज किया। भालू ने महिला का मुंह बुरी तरह से नोंच डाला था। मुंह का कोई भी अंग नजर नहीं आ रहा था। नेत्र विभाग के सीनियिर रेजिडेंट डॉक्टर अभिषेक और उनकी पत्नी ईएनटी विभाग की सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर स्वाति ने आपातकालीन कक्ष में महिला का इलाज करना शुरू किया। वहां जो भी शख्स मौजूद था, वह महिला के चेहरे को देखकर यही कह रहा था कि अब उसका चेहरा दोबारा कभी नहीं बनेगा लेकिन डॉक्टर दंपती ने पहले महिला के अंदरूनी जख्मों का इलाज किया। उसके बाद चेहरे की बारी चमड़ी को 100 से अधिक टांके लगाकर पहले जैसा बना दिया।
कुम्हारका में मवेशियों के चारे के लिए घास काटते समय भालू ने हमला करके कुसमो देवी को बुरी तरह जख्मी कर दिया था। परिजन उन्हें उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। ईएनटी और नेत्र रोग विभाग के डॉक्टर दंपती ने महिला को नया जीवनदान दिया। इससे पहले भालू हमले के घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया जाता था। उन्होंने तीन घंटे तक महिला के चेहरे टांके लगाकर पहले जैसा बनाया। उसके बाद उसे रेफर किया। ताकि, टांडा में उसे बेहतर इलाज मिल सके।
प्राचार्य डॉक्टर पंकज गुप्ता ने बताया कि दोनों डॉक्टरों ने बेहतर कार्य किया है। मेडिकल कॉलेज के सभी डॉक्टर मरीजों को बेहतर सेवाएं देने में पूरी ईमानदारी से कार्य कर रहे हैं।