उच्च शिक्षा के लिए दूरदराज के कॉलेजों का रुख करना मजबूरी
कॉलेज में 500 से अधिक विद्यार्थी शिक्षारत, 80 प्रतिशत लड़कियां
संवाद न्यूज एजेंसी
बाथरी/बनीखेत (चंबा)। राजकीय महाविद्यालय बनीखेत में कॉमर्स और साइंस संकाय की कक्षाएं न होने से विद्यार्थियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
कॉलेज में शिक्षकों की भी भारी कमी है। खेल, संगीत और भूगोल (जियोग्राफी) के अध्यापक उपलब्ध नहीं हैं। विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूरदराज के कॉलेजों में जाना पड़ रहा है। निजी कॉलेजों में दाखिला लेकर महंगी पढ़ाई करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। कॉलेज में वर्तमान में 500 से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इनमें करीब 80 प्रतिशत लड़कियां शामिल हैं। दूर जाकर पढ़ाई करना उनके लिए सुरक्षित और आर्थिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों और खेल गतिविधियों के आयोजन के लिए अन्य विषयों के शिक्षकों पर निर्भर रहना पड़ता है। अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि बनीखेत कॉलेज में जल्द कॉमर्स और साइंस की कक्षाएं शुरू की जाएं।
कॉलेज प्राचार्य विजय नाग के अनुसार कॉमर्स और साइंस संकाय शुरू करने के लिए प्रस्ताव तैयार कर सरकार और संबंधित विभाग को भेजा जा चुका है। सरकार से मंजूरी मिलने के बाद ही ये कोर्स शुरू किए जा सकेंगे। अब छात्रों और अभिभावकों की नजर सरकार के फैसले पर टिकी है। यदि जल्द मंजूरी मिलती है तो इससे क्षेत्र के सैकड़ों विद्यार्थियों को राहत मिल सकती है।