चंबा। सिंगल यूज प्लास्टिक के चम्मच, कटोरी, कांटे, चाकू और स्ट्रॉ बेचने और उपयोग पर एक जुलाई से प्रतिबंध होगा। यह जानकारी अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी अमित मेहरा ने बचत भवन में प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक से संबंधित जागरूकता गतिविधियों को लेकर आयोजित कार्यक्रम में दी।
कार्यक्रम में स्थानीय व्यापारियों, व्यापार मंडलों के प्रतिनिधि और विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश पर्यावरण विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की अधिसूचना के अनुसार 1 जुलाई से सिंगल यूज प्लास्टिक यानी एक बार इस्तेमाल के बाद फेंक दी जानी वाली प्लास्टिक के उपयोग, निर्माण, आयात, वितरण, बिक्री और भंडारण पर प्रतिबंधित होगा।
उन्होंने कहा कि प्लास्टिक कचरा प्रबंधन नियम के तहत विस्तारित पॉलिस्टीरीन से संबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक वस्तुओं में एयर बर्ड्स, गुब्बारों इत्यादि के लिए इस्तेमाल की जाने वाली प्लास्टिक की डंडियां प्लास्टिक के झंडे, कैंडी स्टिक्स, आइसक्रीम की डंडिया और सजावट के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री समेत प्लेटें, कप, गिलास, कांटे, चम्मच, चाकू, स्ट्रा, ट्रे, मिठाई के डिब्बों को पैक करने वाली फिल्में, निमंत्रण कार्ड और सिगरेट पैकेट, 100 माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक या पीवीसी बैनर और स्टिकर के उपयोग, निर्माण, आयात, वितरण, बिक्री और भंडारण को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया गया है।
उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि खरीदारी करने के लिए घर से ही थैला ले आएं। 120 माइक्रोन की मोटाई से कम प्लास्टिक से बने कैरी बैग और 60 ग्राम प्रति वर्ग मीटर से गैर बुना कैरी बैग का उपयोग, बिक्री और भंडारण पर भी पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया गया है। निर्देशों की अवहेलना पर सामान की जब्ती, पर्यावरण मुआवजे की वसूली, उद्योग व वाणिज्य संस्थानों, प्रतिष्ठानों के संचालन को बंद करने भी प्रावधान है।
उन्होंने बताया कि प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर हिमाचल प्रदेश गैर बायोडिग्रेडेबल कचरा नियंत्रण अधिनियम के तहत 500 से लेकर 25 हजार तक के चालान का प्रावधान रखा गया है।