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देवदार के पेड़ को काटने से रोका तो वन काटुओं ने चला दी कुल्हाड़ी 19-20-53

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लिल्ह बीट में कटे देवदार के पेड़। - फोटो : Chamba
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चंबा। लिल्ह बीट में देवदार की पेड़ों की रक्षा करते हुए वन रक्षक को अपनी जान की रक्षा करना मुश्किल हो गया। यह घटना 17 जुलाई रात की है। वन रक्षक का आरोप है कि 19 जुलाई को पुलिस चौकी गैहरा में शिकायत करने के बावजूद मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
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वन रक्षक पविंद्र कुमार के मुताबिक 17 जुलाई की रात करीब 9 बजे वह चौकीदार विष्णु के साथ रूटीन की तरह रात गश्त पर था। इस दौरान उसे पेड़ पर कुल्हाड़ी चलने की आवाज सुनाई दी। कुल्हाड़ी की आवाज सुनकर वह जंगल के भीतर पहुंचा जहां, पर तीन लोग देवदार के पेड़ को काट रहे थे। वन रक्षक को मौके पर देख दो लोग मौके से फरार हो गए जबकि, एक वन काटु ने हाथ में कुल्हाड़ी लेकर वन रक्षक पर हमला कर दिया।
वन रक्षक ने खुद को बड़ी मुश्किल से वन काटु के हमले से बचाया। इस दौरान वन रक्षक को मामूली चोट भी लगी है। कहा कि 18 जुलाई को उसने मौके पर पहुंच कर छिपाए गए 30 नग लकड़ी सहित एक क्षतिग्रस्त होकर दो हिस्सा में गिरा देवदार का पेड़ भी बरामद किया। इस लकड़ी की कीमत करीब कीमत 8 लाख 48 हजार 638 रुपये बताई जा रही है।
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गैहरा चौकी प्रभारी एएसआई दुर्गादास ने कहा कि कार्यालय में चौकी में स्टाफ की कमी है। कहा कि दुनाली के पास रावी मेें समाए लोगों की तलाश के लिए उन्हें मौके पर जाना पड़ा। शनिवार को मामले की तफ्तीश कर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
डीएसपी भरमौर अभिमन्यु ने कहा कि गैहरा चौकी से संपर्क कर ही इस मामले में कुछ कहा जा सकता है। वन अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ वन मंडल के अध्यक्ष अब्दुल हमीद ने बताया कि वन रक्षक अपनी जान पर खेल कर जंगल की रखवाली कर रहे हैं। ऐसे में वन काटुओं के खिलाफ पुलिस के नर्म रवैये को लेकर वन कर्मचारियों में रोष है। उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से मांग की है कि मामले में वन काटुओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाए।
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