चंबा में वन्यजीव क्षेत्र में होने वाले कार्यों का निरीक्षण करने के बाद पीसीसीएफ मुख्य वन्यजीव व
चंबा। मिनी स्विट्जरलैंड के नाम से विख्यात खज्जियार स्थित झील में जाने वाली गाद को रोकने के लिए उचित कदम उठाए जाएं। झील के चारों ओर ऐसी व्यवस्था की जाए जिससे गाद इसमें न पहुंचे।
यह निर्देश पीसीसीएफ एवं मुख्य वन्य जीव वार्डन अभिलाष गौतम ने खज्जियार का औचक निरीक्षण के दौरान चंबा के वन्य प्राणी विभाग को दिए। उन्होंने कहा कि गाद के कारण झील को नुकसान पहुंच सकता है। औचक निरीक्षण से पहले उन्होंने वन्य प्राणी क्षेत्रों में जाकर उन सभी कार्यों की जांच की, जो पिछले कुछ समय में इन इलाकों में किए गए हैं। खज्जियार के बाद उन्होंने काला टॉप वन्य प्राणी क्षेत्र का भी दौरा किया। उन्होंने वहां विभाग की ओर से करवाए गए सभी कार्यों का जायजा लिया। इनकी गुणवत्ता और आवश्यकता को लेकर जांच की।
निरीक्षण के दौरान सभी कार्य संतोषजनक पाए गए। उन्होंने खज्जियार झील मैदान के अस्तित्व को बचाने के लिए अधिकारियों को जरूरी निर्देश भी दिए। इसके लिए विशेष योजना बनाने को कहा। उनके निर्देशों के बाद विभाग ने झील मैदान में जाने वाली गाद को रोकने के लिए उचित कदम उठाना शुरू कर दिया है। वन्य प्राणी विभाग के डीएफओ कुलदीप जम्वाल ने बताया कि पीसीसीएफ एवं मुख्य वन्य जीव वार्डन ने खज्जियार और काला टॉप का निरीक्षण किया था। उन्होंने वहां किए गए कार्यों का जायजा लिया। झील मैदान को गाद से बचाने के लिए उन्होंने जो निर्देश दिए हैं, उसके अनुसार विभाग ने कदमताल शुरू कर दी है।