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Chamba News: एंटी हेलनेट पर अनुदान बंद...ओलों ने तोड़े बागवानों के सपने

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साहो क्षेत्र में ओलावृ​​ष्टि से टूटी सेब के पौधों की टहनियां
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साहो (चंबा)। जिले के ऊपरी क्षेत्रों में बीते दिन हुई तेज ओलावृष्टि ने बागवानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। सेब समेत अन्य फसलों को बड़ा नुकसान हुआ है। जिन बगीचों में एंटी हेलनेट नहीं लगाई गई थी, वहां फसल पूरी तरह प्रभावित हुई है। बागवानों का कहना है कि अगर पहले की तरह एंटी हेलनेट पर सब्सिडी मिल रही होती तो वे अपने बगीचों को मौसम की मार से बचा सकते थे। स्थानीय बागवानों ने सरकार के फैसले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि लगातार बदलते मौसम के बीच खेती और बागवानी पहले ही जोखिम भरा काम बन चुकी है। ऊपर से सरकार की ओर से हेलनेट जैसी जरूरी सुविधाओं पर सब्सिडी बंद कर देना किसानों की मुश्किलें और बढ़ा रहा है। बागवानों धारो राम, किशन चंद, दलीप कुमार, योग राज, धमेंद्र कुमार, कर्म चंद, किशोरी लाल आदि ने कहा कि अठलूई, साहो, कीड़ी, परौथा के गांवों में सेब के पौधों की टहनियां भी टूटी हैं। बिना हेलनेट के फसल उजड़ रही है। पहाड़ी इलाकों में ओलावृष्टि, तेज बारिश और तूफान हर साल फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। बागवानों ने मांग उठाई है कि सरकार सब्सिडी को जल्द बहाल करे।
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न कोई अधिकारी आता है, न शिविर लगता है
बागवानों का कहना है कि न तो उनके इलाके में कोई विभागीय अधिकारी आता है न ही कोई जागरूकता शिविर लगाया जाता है। इससे उन्हें सरकारी योजनाओं और फसल की सुरक्षा की जानकारी नहीं मिल पाती है। खुद ही अपनी फसलों की देखभाल करते हैं। कितनी खाद देनी है, योजनाओं का क्या लाभ है, इसको लेकर बागवानों को कोई जानकारी नहीं होती है। बागवानों ने विभाग से मांग की है कि ऐसे इलाकों में भी शिविर लगाए जाने चाहिए।
उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. प्रमोद शाह ने कहा कि सरकार की ओर से सब्सिडी बंद की जा चुकी है। बागवान अपने बगीचों को ओलावृष्टि से सुरक्षित रखने के लिए हेलनेट के लिए आवेदन करें। उन्होंने कहा कि हर गांव में जागरूकता शिविर आयोजित करने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।
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