चंबा। जिले में 108 और 102 एंबुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल के चलते मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दूर-दराज के क्षेत्रों से अस्पताल पहुंचने के लिए जहां एंबुलेंस सेवा मुफ्त और सुरक्षित साधन मानी जाती है, वहीं हड़ताल के कारण लोगों को निजी टैक्सियों का सहारा लेना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार जिले में 108 एंबुलेंस की संख्या 19 और 102 एंबुलेंस की संख्या 11 है। शुक्रवार को केवल छह एंबुलेंस ही सड़कों पर संचालित होती नजर आईं। 102 सेवा का लाभ किसी भी गर्भवती या अन्य मरीज को नहीं मिल सका। कुल 95 कर्मचारियों में से 75 कर्मचारी हड़ताल पर रहे, जबकि मात्र 10 से 15 कर्मचारी ही ड्यूटी पर मौजूद थे।
साहो, मैहला, धरवाला, राजनगर, कोटी, द्रड्ड, उदयपुर, मंगला, खज्जियार और गेट जैसे क्षेत्रों से मरीजों को निजी टैक्सी के माध्यम से अस्पताल पहुंचना पड़ा। कई तीमारदारों ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर सरकार और कर्मचारियों के बीच चल रहे विवाद पर नाराजगी जताई।
साहो निवासी प्रह्लाद कुमार ने बताया कि उनके पिता की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्होंने कई बार 108 सेवा पर फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। बाद में पता चला कि कर्मचारी हड़ताल पर हैं, जिसके चलते उन्हें 500 रुपये खर्च कर टैक्सी से अस्पताल पहुंचना पड़ा।
धरवाला से अपनी बीमार माता को लेकर पहुंचे सुनील कुमार ने कहा कि सरकार और कंपनी के बीच मांगों को लेकर चल रहे विवाद का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
संजय शर्मा, विनोद कुमार, शम्मी कुमार, करण महाजन, दीपक और नरेश कुमार सहित अन्य लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जब तक हड़ताल समाप्त नहीं होती, तब तक मरीजों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय चंबा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जालम सिंह ने बताया कि एंबुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल के कारण मरीजों को दिक्कतें आई हैं। फिलहाल छह एंबुलेंस सेवाएं संचालित की जा रही हैं और विभाग समस्या के समाधान के लिए प्रयासरत है।
हड़ताल 17 फरवरी तक जारी रहने की घोषणा के बीच मरीजों और उनके परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।