चंबा। चंबा चौगान में आयोजित जनसभा में मंत्री, सांसद और विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्र के लिए केंद्रीय मंत्री से कुछ न कुछ मांगा। लेकिन किसी ने भी चंबा मेडिकल कॉलेज में चल हरी डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए आवाज नहीं उठाई।
इससे पता चलता है कि जिले के विधायक, सांसद और प्रदेश के मंत्री स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कितने गंभीर हैं। मेडिकल कॉलेज चंबा पिछले चार सालों से डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है। कुछ दिन पहले सरकार ने यहां प्रतिनियुक्ति पर 35 डॉक्टरों के आदेश किए थे लेकिन उन डॉक्टरों ने यहां सेवाएं देने से ही इनकार कर दिया।
सरकार ने उन सभी डॉक्टरों को वापस बुला लिया। इसकी वजह से मेडिकल कॉलेज में चल रही 100 चिकित्सकों की कमी आज भी पूरी नहीं हुई है। जिले की पौने छह लाख आबादी मेडिकल कॉलेज पर निर्भर है लेकिन यहां डाक्टर न मिलने से मरीजों को भटकना पड़ता है। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के चंबा दौरे को लेकर लोगों में उम्मीद जगी थी कि जिले के विधायक और प्रदेश के मंत्री डॉक्टरों की मांग को पुरजोर तरीके से उठाएंगे लेकिन मंच पर दिए अपने भाषण में किसी ने मेडिकल कॉलेज में चल रही डॉक्टरों की कमी का जिक्र नहीं किया।