चंबा। जिला एवं सत्र न्यायाधीश चंबा की अदालत ने 18 हजार रुपये रिश्वत के मामले में आरोपी को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। विजिलेंस की टीम ने आरोपी को शनिवार को न्यायालय में पेश किया। विजिलेंस की टीम अब आरोपी से पैसों के लेन-देन के अलावा अन्य राज भी खुलवाने के लिए गहनता से छानबीन कर सकती है।
भारत सरकार की ओर से ऐतिहासिक रंगमहल स्थित हैंडलूम/हैंडीक्राफ्ट कारपोरेशन चंबा में बीते दिनों अल्प अवधि तीन माह का प्रशिक्षण चला। इसमें मास्टर ट्रेनर को प्रति माह लगभाग 30 हजार रुपये मेहनताना दिए जाने का प्रावधान रहा। मामले में मास्टर ट्रेनर अंकित वर्मा ने विजिलेंस विभाग चंबा को शिकायत सौंपी कि हैंडलूम/हैंडीक्राफ्ट कारपोरेशन चंबा का इंचार्ज उससे तीन माह के मेहनताने के रूप में 18 हजार रुपये की डिमांड कर रहा है।
विजिलेंस की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से मास्टर ट्रेनर से मिल कर उसे कैफे में बुला कर रंगे हाथ दबोच लिया। आरोपी को विजिलेंस की टीम ने शनिवार को न्यायालय में पेश किया। जहां से उसे तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। विजिलेंस टीम अब मामले को लेकर मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ करेंगी। इतना ही नहीं, विजिलेंस की टीम कड़ी से कड़ी मिला कर अब मामले की जांच में जुट गई हैं। आगामी दिनों मेंं टीम हैंडलूम/ हैंडीक्राफ्ट कारपोरेशन के चंबा कार्यालय में रिकॉर्ड की जांच करने के अलावा कर्मचारियों, प्रशिक्षुओं से भी पूछताछ कर सकती है।
उधर, विजिलेंस विभाग चंबा के एएसपी अभिमन्यु वर्मा ने बताया कि रिश्वत मामले में पकड़े गए हैंडलूम हैंडीक्राफ्ट कारपोरेशन के प्रभारी को न्यायालय से तीन दिन की पुलिस रिमांड मिला है। ,संवाद