चंबा। वन मंडल चंबा की मसरूंड रेंज में कशमल की जड़ों के अवैध दोहन की जांच करने के लिए धर्मशाला से फ्लाइंग स्क्वायड की टीम पहुंच गई है। पांच सदस्यीय टीम में एचएफएस अधिकारी से लेकर आरओ, बीओ और वन रक्षक शामिल हैं।
यह टीम मसरूंड के उन सभी जंगलों में दबिश दे रही है जहां कशमल की जड़ों के अवैध दोहन की शिकायत मिली है। टीम की दबिश से रेंज में कार्यरत कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। जिले में यह इकलौती ऐसी रेंज है जहां विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। कशमल की जड़ों को कानूनी तौर पर निकालने के लिए तीसा और मसरूंड रेंज को सरकार से अनुमति मिली मिली है।
तीसा में विभागीय नियमानुसार निजी भूमि से कशमल की जड़ों को निकाला गया। जिस ठेकेदार ने वन भूमि से जड़ों को खोदा तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की गई जबकि मसरूंड रेंज में वन भूमि से कशमल की जड़ों को उखाड़ने से बचाने के लिए स्थानीय लोगों को रात के अंधेरे में पहरा देना पड़ा जबकि विभागीय कर्मचारी मजे से सोते रहे।
कल्हेल और रखालू माता के पास सड़क के किनारे रखीं कशमल की जड़ों को लेकर सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी जगदीश शर्मा ने भी विभाग पर लापरवाही के आरोप लगाए थे। इसके अलावा कई अन्य लोगों ने विभाग को कटघरे में खड़ा किया था लेकिन विभाग ने सबको नजरअंदाज कर वन भूमि से इन जड़ों को निकालने का क्रम जारी रहने दिया।
यही वजह है कि लगातार मिल रहीं शिकायतों की जांच करने के लिए धर्मशाला से फ्लाइंग स्क्वायड की टीम मसरूंड रेंज पहुंची है। यदि वन भूमि में कशमल की जड़ों का अवैध दोहन पाया गया तो वहां कार्यरत आरओ, बीओ और वन रक्षक पर कार्रवाई भी हो सकती है।
मसरूंड रेंज में एक महीने तक आरओ का चार्ज एक बीओ को देकर रखा गया जबकि नियमित आरओ डिविजन कार्यालय में ज्वाइन कर चुका था। इसको लेकर भाजपा ने डीएफओ कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन भी किया। मुख्य वन अरण्यपाल राकेश कुमार ने बताया कि फ्लाइंग स्क्वायड की टीम मसरूंड रेंज पहुंची है। टीम की रिपोर्ट के आधार पर विभाग आगामी कार्रवाई करेगा। संवाद