खज्जियार में खराब मौसम में जान जोखिम में डालकर करवाई जा रही पैराग्लाइडिंग
टपूण की पहाड़ी पर हवा में झूलता दिखा पैरा ग्लाइडर, जैसे-तैसे करवाई सुरक्षित लैंडिंग
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। खज्जियार के शनिवार को दोपहर के समय रोमांच नहीं, जोखिम बोल रहा था। काले बादलों और बेकाबू हवाओं के बीच टपूण की पहाड़ी पर उड़ता पैराग्लाइडर किसी खेल का हिस्सा नहीं, बल्कि एक अनिश्चित दांव बन चुका था।
हर झोंका नियंत्रण छीन रहा था और हर पल हादसे की आहट दे रहा था। नीचे खड़े लोग सांस रोके देखते रहे, ऊपर एक जिंदगी हवा के फैसलों पर झूलती रही।
पर्यटन स्थल खज्जियार में खराब मौसम में भी पैराग्लाइडिंग करवाकर पर्यटकों की जान जोखिम में डाली जा रही है। न तो पर्यटन विभाग इस कारगुजारी को रोकने के लिए कदम बढ़ा रहा है और न ही प्रशासनिक अधिकारी इसमें कोई निर्देश जारी कर रहे हैं। शनिवार को टपूण की पहाड़ी पर दोपहर 12:30 बजे हवा में एक पैरा ग्लाइडर दिखाई दिया। आसमान में काले बादल छाए थे और तेज हवा चल रही थी। ग्लाइडर यहां-वहां झूलता हुआ दिखाई दे रहा है। जिला मुख्यालय से कई लोग यही चिंता कर रहे थे कि कहीं ग्लाइडर दुर्घटना का शिकार न हो जाए। पायलट ग्लाइडर को जैसे ही नीचे उतारने का प्रयास कर रहा था तो तेज हवा के साथ वह दोबारा ऊपर हो रहा था। यह सिलसिला काफी देर तक चलता रहा। काफी देर के बाद पायलट ने जैसे-तैसे कर सुरक्षित लैंडिंग करवा दी। इस तरह एक बड़ा हादसा हाेने से बाल-बाल बचा। लोगों में जय सिंह, विनोद कुमार, गुरमीत सिंह, करतार ठाकुर, सुशील कुमार, प्यार सिंह और नेक राज ने जिला प्रशासन से मांग की है कि खराब मौसम में उड़ान बंद रहनी चाहिए।
एक पर्यटक की हो चुकी है मौत
खराब मौसम में उड़ान भरने से कुछ वर्ष पहले गलत दिशा में ग्लाइडर उड़ने से एक पर्यटक की मौत हो गई थी। ऐसे में पर्यटकों की जिंदगी को चंद पैसों के लिए दाव पर लगाना सही नहीं है।
जिला पर्यटन अधिकारी राजीव मिश्रा ने बताया कि खराब मौसम में उड़ान नहीं भरने के लिए सभी पायलटों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। इसकी अवहेलना करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।