चंबा। शहर का फायर फाइटिंग सिस्टम अब आधुनिक रूप लेगा। छह करोड़ रुपये की लागत से शहर में नई हाईड्रेंट प्रणाली स्थापित की जाएगी। सरकार ने जल शक्ति विभाग को इस काम के लिए बजट जारी कर दिया है। शहर के 11 वार्डों में नए सिरे से हाईड्रेंट लगाए जाएंगे। इससे तंग गलियों में जहां दमकल गाड़ियां नहीं पहुंच पातीं, वहां आग पर काबू पाना संभव होगा। नई प्रणाली से दमकल विभाग को भी राहत कार्य में आसानी होगी।
जानकारी के अनुसार शहर में रियासत काल में लगे हाईड्रेंट काफी पुराने हो चुके हैं। इनमें से कई हाईड्रेंट लोगों के घरों और रास्तों के नीचे दफन हो चुके हैं। गिने चुने हाईड्रेंट ही मौजूदा समय में नियमित रूप से कार्य कर रहे हैं, जबकि शहर को आगजनी से बचाने के लिए हाईड्रेंट प्रणाली काफी महत्वपूर्ण है। इसके चलते विभाग ने शहर में इस प्रणाली को नए सिरे से विकसित करने के लिए सरकार को प्रस्ताव बनाकर भेजा था। सरकार ने उस प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए बजट भी स्वीकृत कर दिया है।
इस प्रणाली के स्थापित होने से आगजनी की घटना होने पर तुरंत बचाव कार्य किया जा सकेगा। शहर की जिन तंग गलियों में फायर ब्रिगेड़ की गाड़ियां नहीं पहुंच पाती हैं, ऐसे स्थानों पर हाईड्रेंट से आग पर काबू पाया जाएगा। इस नई प्रणाली से दमकल विभाग की टीम को भी राहत कार्य चलाने में आसानी होगी। सरकार से बजट मिलने के बाद अब विभाग टेंडर प्रक्रिया को शुरू करेगा।
सरकार से हाईड्रेंट प्रणाली को लेकर मंजूरी मिल चुकी है। विभाग टेंडर प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत हाईड्रेंट लगाने का कार्य शुरू करवाएगा। जितेंद्र शर्मा, अधिशासी अभियंता, जल शक्ति विभाग