चंबा और डलहौजी में कांग्रेस की तुलना में भाजपा समर्थित उम्मीदवार ज्यादा
कई वार्डों में भाजपा समर्थित तीन उम्मीदवार और कांग्रेस का एक उम्मीदवार
आपसी लड़ाई में कांग्रेस मार सकती है बाजी, हालांकि चुनावी नतीजे आना अभी बाकी
प्रवीण कुमार
चंबा। डलहौजी और चंबा नगर परिषद के चुनावों में भाजपा के लिए ज्यादा उम्मीदवारों की संख्या जीत के समीकरण बिगाड़ सकती है।
चंबा नगर परिषद की बात करें तो 11 वार्डों में चौंतड़ा वार्ड को छोड़कर अन्य ऐसा कोई वार्ड नहीं होगा जहां भाजपा समर्थित दो या तीन उम्मीदवार न खड़े हों। कांग्रेस की तरफ से एक ही उम्मीदवार चुनाव लड़ रहा है। हरदासपुरा वार्ड की बात करें तो वहां कांग्रेस समर्थित एक उम्मीदवार है। भाजपा समर्थित तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। हटनाला वार्ड से कांग्रेस का एक और भाजपा के दो, जनसाली वार्ड से भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवार भले ही एक-एक हों लेकिन यहां आजाद उम्मीदवार भी मोर्चा संभाले हैं। सुल्तानपुर में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों की संख्या अधिक है। सपड़ी वार्ड से भाजपा समर्थित तीन उम्मीदवार हैं जबकि कांग्रेस का इकलौता उम्मीदवार है। यही हाल शहर के अन्य वार्डों का भी है।
अब बात करें नगर परिषद डलहौजी की तो वहां पर भाजपा विधायक डीएस ठाकुर ने अलग पैनल दिया है जबकि पूर्व नप अध्यक्ष ने चुनाव में अपना पैनल उतारा है। उनके पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और जयराम ठाकुर से अच्छे संबंध हैं। ऐसे में चुनाव में भाजपा उम्मीदवारों की अधिक संख्या कहीं न कहीं भाजपा के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। पार्टी के नेता लोगों से अपील कर रहे हैं कि जो पैनल पार्टी ने चुनाव में उतारा है, उन्हें ही वोट देकर विजयी बनाएं। दूसरी तरफ, अपने बलबूते पर चुनाव लड़ रहे भाजपा समर्थित उम्मीदवार भी उन लोगों से वोट मांग रहे हैं। ऐसे में चुनावी नतीजे भाजपा के हक में आते हैं या खिलाफ, इसका खुलासा चुनावी नतीजे आने के बाद ही लग पाएगा।