चंबा। चंबा-साहो सड़क पर सरोथा नाले पर 4.80 करोड़ की लागत से पुल बनाया जा रहा है। पुल बनने से चालकों और राहगीरों को नाले के पानी से होने वाली परेशानी से राहत मिल जाएगी। नाले का पानी अक्सर सड़क पर बहता रहता है जिससे पैदल चलने वाले राहगीरों को परेशानी होती है। पानी बहने से वहां तारकोल भी नहीं टिक पाता है। इससे वाहन चालकों को गड्ढों की समस्या से जूझना पड़ता है। अब ऐसा नहीं होगा। टीबी अस्पताल से कुछ दूर सड़क से दूसरी ओर पुल बनाया जाएगा। लोक निर्माण विभाग ने पुल बनाने को लेकर सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। जल्द टेंडर करवाकर इसका निर्माण कार्य शुरू करवाया जाएगा। उसके बाद साहो क्षेत्र की तरफ जाने वाले लोगों को आसानी होगी। इतना ही नहीं, इस पुल के बनने से चंबा से साहो और सिल्लाघ्राट सहित अन्य इलाकों की दूरी तीन किलोमीटर तक कम हो जाएगी।
श्रद्धालुओं को भी मिलेगी राहत
सरोथा नाले के पास स्थित पांच पांडव मंदिर में पूजा करने वाले लोगों को भी हादसे का खतरा नहीं रहेगा क्योंकि पुल मंदिर से आगे बनाया जाएगा। इससे मंदिर के सामने वाली सड़क खाली हो जाएगी। मंदिर में माथा टेकने वाले श्रद्धालुओं सहित अन्य अनुष्ठान आसानी से किए जा सकेंगे। हनुमान जन्मोत्सव पर भंडारे के आयोजन में भी कोई परेशानी नहीं होगी। शहरवासियों सहित आसपास के लोगों की मंदिर के साथ आस्था जुड़ी हुई है। रोजाना दर्जनों की संख्या में लोग मंदिर में पूजा करने के लिए पहुंचते हैं।
भारी-भरकम मशीनें ले जाना होगा आसान
भरमौर और होली परिक्षेत्र में चल रही पन विद्युत परियोजनाओं में इस्तेमाल होने वाली भारी भरकम मशीनें भी इसी रास्ते से लाई जा सकेंगी। मौजूदा समय बालू से होकर ये मशीनें वाया बारगाह होकर लाई जा रही हैं। इससे पुलिस अधीक्षक कार्यालय के पास मशीनों को लाने वाले वाहन खड़ी चढ़ाई होने की वजह से फंस जाते हैं। कई बार ऐसी घटनाएं घटित हो चुकी हैं। ऐसे में पुल वन विद्युत परियोजनाओं का निर्माण करने वाली कंपनियों के लिए भी लाभदायक साबित होगा। बालू से वाया सरोथा होकर भारी भरकम वाहन भेजे जा सकेंगे।
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता जीत सिंह ठाकुर ने बताया कि सरोथा नाले पर पुल बनने से हजारों लोगों को लाभ मिलेगा। पुल बनाने की औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। जल्द इसका कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।