साहो (चंबा)। दिन बुधवार, स्थान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जडेरा। समय सुबह 9:30 बजे चपरासी ने स्वास्थ्य केंद्र का ताला खोला। मगर दस बजे तक स्वास्थ्य केंद्र में कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा। इतना ही नहीं मरीजों की जांच के लिए कोई स्टाफ नर्स और फार्मासिस्ट भी नहीं आया। सुबह करीब 11 बजे एक महिला मरीज यहां उपचार करवाने के लिए पहुंची। मगर डॉक्टर न होने पर वह स्वास्थ्य केंद्र के बाहर सीढ़ियों में बैठकर डॉक्टर का इंतजार करती रही। महिला को सीढ़ियों पर इंतजार करते हुए जब आधा घंटा बीत गया तो चपरासी ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में कोई डॉक्टर नहीं आएगा। इसके बाद महिला को निराश होकर लौटना पड़ा। यहां यह सिलसिला पिछले कई महीनों से चल रहा है। स्वास्थ्य केंद्र में तैनात डॉक्टर का तबादला छह महीने पहले दूसरे स्वास्थ्य केंद्र में हो चुका है। मगर अभी तक उनके स्थान पर यहां कोई डॉक्टर नहीं भेजा गया। इसकी वजह से मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्वास्थ्य केंद्र से ग्राम पंचायत जडेरा, सिल्लाघ्राट, बरौर, कैला, कलौता और सुंगल की दस हजार आबादी अपना इलाज करवाने के लिए निर्भर रहती है। मगर स्टाफ की कमी की वजह से लोगों को 25 किमी दूर चंबा जाना पड़ रहा है। इसमें लोगों का आधा दिन आने-जाने में ही निकल जाता है।
इन विभागों में लटके रहते हैं ताले
स्वास्थ्य केंद्र में प्रसूति वार्ड, प्रयोगशाला, प्रचारिका सेवा कक्ष, बाहिरंग विभाग और दवाई भंडार में लंबे समय से ताला लटका पड़ा है। मगर इनका मरीजों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। सरकार ने करोडों रुपये खर्च करके यहां विभागों का निर्माण करवाया है। मगर स्टाफ की कमी से मरीजों स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित हैं।
यह पद पड़े हैं खाली
मेडिकल ऑफिसर, आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, लैब तकनीशियन, क्लर्क और सफाई कर्मी के पद यहां पर खाली पड़े हैं। इन्हें भरने में सरकार और विभाग दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। इसकी वजह से क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
महीने में एक दिन आता है डॉक्टर
ग्रामीण कमल कुमार, मान सिंह, वजीर मोहम्मद, मदन कुमार, नेक कुमार, मनोज कुमार शर्मा, सुरेश और महिंद्र सिंह ने बताया कि सीएचसी साहो से डॉक्टर जडेरा में एक दिन मरीजों की जांच के लिए आता है। इस दिन स्वास्थ्य केंद्र में ओपीडी 100 के करीब हो जाती है। हालत यह है कि डॉक्टर को खुद ही मरीजों की पर्ची बनानी पड़ती है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ठाकुर कौल सिंह ने स्वास्थ्य केंद्र का उद्घाटन किया था। कुछ वर्ष लोगों को यहां बेहतर सुविधाएं मिलती रही, मगर अब व्यवस्था बुरी तरह से चरमरा गई है।
स्वास्थ्य निदेशालय को लिखित तौर पर करवाया अवगत
जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वाईडी शर्मा ने बताया कि उनके ध्यान में यह मामला है। इसको लेकर स्वास्थ्य निदेशालय को लिखित तौर पर अवगत करवाया गया है। फिलहाल डेपुटेशन पर डॉक्टर को स्वास्थ्य केंद्र में भेजा जा रहा है।