चुराह (चंबा)। चुराह क्षेत्र के तहत राजकीय प्राथमिक पाठशाला भराड़ा-प्रथम में अध्यापकों की कमी का खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। स्कूल में स्थिति यह है कि एक अध्यापक के सहारे 90 विद्यार्थियों का भविष्य है।
ऐसे में कार्यालय का अन्य काम भी इसी अध्यापक के कंधों पर है। हैरानी की बात तो यह है कि इसके बारे में कई बार विभाग को अवगत करवाया जा चुका है लेकिन आज दिन तक इस मामले पर कोई सकारात्मक पहल नहीं हो पाई है। इससे अभिभावकों में रोष है। अभिभावकों ने सरकार और प्रशासन को चेताया है कि अगर एक सप्ताह के भीतर अध्यापकों की तैनाती नहीं की जाती है तो वे स्कूल परिसर में धरने पर बैठ जाएंगे। इसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
जानकारी के मुताबिक गत वर्ष 12 अक्तूबर 2021 को अध्यापक का तबादला होने से स्कूल में एक ही अध्यापक रह गया। एक साल बीतने को है लेकिन स्कूल में दूसरे शिक्षक की तैनाती नहीं हो पाई है। अभिभावकों का कहना है कि दिसंबर में विद्यार्थियों की परीक्षाएं शुरू होंगी। स्कूल में मंगलोवा, किहा, दसलाड़ी, शिलेरा, कोहला, चुटेरा द्वितीय और सुदलर से विद्यार्थी पढ़ाई के लिए पहुंच रहे हैं। अभिभावकों बशीर मोहम्मद, नजीर मोहम्मद, योगराज, नंदलाल, रमेश, राकेश, कयूम खान, मजीद मोहम्मद, मेहर सिंह आदि का कहना है कि विभाग को भी इसके बारे में अवगत करवाया गया है लेकिन आज दिन तक स्कूल में अध्यापक की तैनाती नहीं हो पाई है। उन्होंने सरकार और विभाग से मांग की है कि जल्द स्कूल में शिक्षक की तैनाती की जाए अन्यथा उन्हें मजबूरन उग्र आंदोलन करना पड़ेगा।
खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी कल्हेल योगराज का कहना है कि यह मामला ध्यान में है। इसके बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया है।