चंबा। रजेरा पंचायत के स्कूली बच्चों को हर रोज जान जोखिम में डाल संगेड़ नाला पार करना पड़ रहा है। यहां नाले के ऊपर पुलिया न होने से बच्चों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। इस वजह से बच्चों की सुरक्षा हर समय दांव पर लगी रहती है। हालत यह है कि अभिभावकों को नाला पार करवाने के लिए खुद जाना पड़ता है। इसके बाद बच्चों का हाथ पकड़कर नाला पार करवाया जाता है। इसके बाद कहीं जाकर बच्चे रावमापा रेजरा पढ़ने के लिए रवाना होते हैं। नाले का जलस्तर बारिश के दौरान काफी बढ़ जाता है। ऐसे में हादसा होने का अंदेशा बना रहता है। इस वजह से अभिभावकों को हर समय बच्चों की चिंता सताती रहती है। इसके बावजूद प्रशासन और पंचायत यहां पर पुलिया बनाने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा है। कुछ माह पहले नाले में बाढ़ में आ गई थी। इससे पुली के साथ रास्ता भी ढह गया है। यह रास्ता भी अभी तक नहीं बन पाया। इसकी वजह से नौनिहालों को दिक्कतों से दो चार होना पड़ रहा है।
वार्ड पंच संजीव कुमार और अभिभावक वीरेंद्र कुमार, भिंद्र सिंह, संजीव कुमार, टेक चंद, राज सिंह, हर्ष कुमार, दिनेश कुमार, देसराज, चमन सिंह और किरपो ने बताया कि ग्राम पंचायत रजेरा के एक दर्जन गांव के करीब 50 छात्र रोजाना नाले को पार कर रावमापा रजेरा में पढ़ने के लिए जाते हैं। छात्रों को नाला पार करवाने के लिए अभिभावकों को साथ जाना पड़ता है। क्योंकि नाले में छात्रों का कभी भी पांव फिसल सकता है। नाले के पानी में पत्थर रखकर छात्रों और ग्रामीणों की आवाजाही के लिए रास्ता बनाया है। जिससे यहां बच्चों के गिरने का खतरा हर समय बना रहता है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि यहां पर जल्द से जल्द पुलिया का निर्माण किया जाए ताकि क्षेत्र के लोगों के बच्चों की आवाजाही सुनिश्चित हो सके।
जिला प्रशासन से मांगा जाएगा पुली को बजट : किशन चंद
पंचायत प्रधान किशन चंद ने बताया कि सगेड़ नाले पर बनी पुली कुछ माह पहले आई बाढ़ में बह गई थी। नई पुली बनाने को लेकर जल्द ही जिला प्रशासन से बजट मांगा जाएगा। ताकि क्षेत्र के नौनिहालों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।