तीसा (चंबा)। देश को रोशन करने वाले जिले में आज भी कई ऐसे गांव है जहां बिजली अभी तक सपना ही है। मामला उपमंडल चुराह की पंचायत आयल के वैद्ययाड का है। यहां के लोग आजादी के सत्तर वर्षों के बाद भी दीये की रोशनी में रातें गुजारने को मजबूर हैं। हालत यह है कि बिजली की व्यवस्था न होने के कारण यहां रहने वाले बच्चों को सांझ ढलने से पहले ही पढ़ाई का काम निपटाना पड़ता है क्योंकि दीये की रोशनी में पढ़ना मुश्किल होता है। इसके साथ ही गृहणियों को रात के समय खाना बनाने के साथ ही अन्य कामकाज को निपटाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने हालांकि हर स्तर पर गांव को बिजली से जोड़ने के लिए आवाज उठाई, मगर सरकार ओर प्रशासन की तरफ से कोई उचित कदम नहीं उठाए हैं। गांव वैद्ययाड के रहने वाले गुलाबदीन, शेरू, जोमन, शीना गाजी, सिकंदर और मौसमदीन ने बताया कि गांव में अभी तक बिजली नहीं पहुंच पाई है। इससे उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि बिजली न होने के चलते उनका विकास थमा गया है। चुनावों के दौरान नेताग हर बार बिजली पहुंचाने का वायदा करके जाते हैं। मगर हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगी है। कांग्रेस और भाजपा किसी ने भी उनकी मुसीबतों को नहीं समझा है। यह हाल तब है जब जिले में विद्युत प्रोजेक्टों की भरमार है। बावजूद इसके अभी तक कई गांव बिजली आपूर्ति से अछूते ही हैं। इससे ग्रामीणों में काफी रोष है। स्थानीय पंचायत प्रधान गुलशन ने बताया कि गांव में बिजली पहुंचाने के लिए प्रस्ताव विद्युत बोर्ड को भेजा गया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि जल्द ही इस बारे में प्रदेश सरकार और बिजली बोर्ड सकारात्मक पहल करेगा।
सौभाग्य योजना से पहुंचेंगी गांव में बिजली : योगेश शर्मा
विद्युत बोर्ड के अधिशाषी अभियंता योगेश शर्मा का कहना है कि इस बारे में पंचायत ने प्रस्ताव सौंपा है। गांव तक बिजली पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार की सौभाग्य योजना के तहत गांव को बिजली से जोड़ा जाएगा।