चुवाड़ी (चंबा)। सिविल अस्पताल चुवाड़ी में वर्ष 2006-2007 में स्थापित की गई अल्ट्रासाउंड मशीन धूल फांक रही है। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित होने पर कुछ माह तक सिविल अस्पताल चंबा से रेडियोलॉजिस्ट 15-15 दिन सेवाएं देने के लिए आते रहे लेकिन बाद में यह मशीन संचालित न होने से अब शोपीस बनी हुई है। आपातकालीन स्थिति में यदि कोई मरीज अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए आता है तो उसे मजबूरन 30 से 80 किमी का सफर तय कर नूरपुर या पठानकोट का रुख करना पड़ रहा है। अल्ट्रासाउंड मशीन का कोई लाभ न मिल पाने के कारण भटियात विधानसभा क्षेत्र की 69 पंचायतों की डेढ़ लाख की आबादी में शामिल ग्रामीण और गर्भवती महिलाएं स्वयं को ठगा सा महसूस कर रही हैं।
सरकार के लोगों को बेहतरीन स्वास्थ्य लाभ देने के दावे विधानसभा क्षेत्र भटियात में खोखले साबित हो रहे हैं। चुवाड़ी अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट का पद लंबे अरसे से रिक्त पड़ा हुआ है। कई बार इसे संचालित करने की मांग शासन, प्रशासन और नेताओं से की गई लेकिन अभी तक रेडियोलॉजिस्ट का पद नहीं भरा जा सका है। लोगों के मुताबिक जिस समय अस्पताल में मशीन स्थापित की गई थी तो उस समय के बाद मशीन के हाईटेक वर्जन आ चुके हैं। ऐसे में अल्ट्रासाउंड मशीन के खराब होने पर इसे दुरुस्त करना भी मुश्किल होगा।
शकुंतला देवी, आरती देवी, मीनाक्षी देवी, रजनी देवी आदि ने बताया कि अल्ट्रासाउंड मशीन को संचालित करने को लेकर कई बार रोगी कल्याण समिति की बैठक में मुद्दा उठाया गया लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं हुआ। हैरानी की बात है कि पूरे भटियात विस क्षेत्र में एक अदद अल्ट्रासाउंड मशीन तक नहीं है।
कार्यकारी एसएमओ देवेंद्र पाल ने बताया कि सरकार को समय-समय पर इसके बारे में जानकारी दी जाती है।